अजमेर सेंट्रल जेल से कैदियों की कथित वीडियो कॉल का मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है. वायरल वीडियो और सामने आए दावों के मुताबिक जेल के अंदर बंद कैदियों को वीडियो कॉल के जरिए बातचीत कराए जाने का आरोप है. मामले में जेल अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि तारिक और फकर की जमानत हो चुकी है, जबकि सैयद तौसीफ वर्तमान में जेल में बंद है. जेल अधीक्षक का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है, और जांच के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि मामले में सिविल लाइन थाने में प्रकरण दर्ज कराया जाएगा.
जेल में बैठकर वीडियो कॉलिंग
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में जेल के अंदर से तीन कैदियों तारिक चिश्ती, तौसीफ चिश्ती उर्फ चिंकी और फकर जमाली की कथित तौर पर नफीस चिश्ती से वीडियो कॉल पर बातचीत दिखाई देने का दावा किया जा रहा है. वीडियो सामने आने के बाद जेल के अंदर मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की पहुंच को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं.
जेल अधीक्षक बोले- जांच के बाद कार्रवाई करेंगे
जेल अधीक्षक आर. अंतेश्वर ने बताया कि उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी समाचार पत्र के माध्यम से मिली. उन्होंने कहा कि जेल प्रशासन की ओर से मामले को गंभीरता से लिया गया है, और जांच की जा रही है. जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी.
पद का दुरुपयोग करना गलत
जेल अधीक्षक ने कहा कि जेल प्रशासन की लगातार कोशिश रहती है कि मोबाइल जैसे प्रतिबंधित उपकरण जेल के अंदर नहीं पहुंचें, लेकिन यदि कोई ऑफिशियल व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी या पद का दुरुपयोग करते हुए इस तरह की गतिविधि करता है तो यह गलत है. ऐसे मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल जांच जारी है. जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में किए जा रहे दावे कितने सही हैं, और कथित वीडियो कॉल जेल के अंदर से किस तरह हुई.
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