अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या पर हनुमान बेनीवाल ने प्रतिक्रिया दी है. खास बात यह भी है कि बेनीवाल ने डकैत के एनकाउंटर के लिए संसद में मांग की थी. उन्होंने तत्कालीन गहलोत सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा था कि ऐसे डकैतों का एनकाउंटर कर देना चाहिए. वहीं, आरएलपी सुप्रीमो ने जगन की हत्या को जेल प्रशासन की लापरवाही बताते हुए साजिश की आशंका जाहिर की. डकैत की मौत के बाद उनका कहना है कि जगन गुर्जर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत गंभीर घटना है.
बेनीवाल ने की CBI जांच की मांग
बेनीवाल ने कहा, "जगन की हत्या राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जेल की सुरक्षा व्यवस्था और जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है. ऐसी परिस्थितियों में केवल विभागीय जांच से निष्पक्ष और पारदर्शी सत्य सामने आने की संभावना कम प्रतीत होती है." उन्होंने सीएम भजनलाल शर्मा से मामले में संज्ञान लेने की अपील की. साथ ही कहा कि इस मामले की जांच CBI से करवाई जाए. ताकि घटना के पीछे की साजिश, जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका का पर्दाफाश हो सके .
आरएलपी सुप्रीमो का मामले पर पूरा बयान पढ़िए
संसद में कांग्रेस सरकार पर खड़े किए थे सवाल
करीब 7 साल पहले बेनीवाल ने संसद में कहा था, "जगन गुर्जर ने महिलाओं को निर्वस्त्र करके घूमाया. उससे लोग परेशान हैं. 70 साल बाद भी डकैतों के आतंक से लोग पलायन कर रहे हैं. यूपी, एमपी और राजस्थान के लोग पीड़ित हैं."
केंद्र से भी की थी अपील
इस मुद्दे पर उन्होंने कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकार पर सवाल खड़े किए थे. बेनीवाल ने कानून-व्यवस्था को ध्वस्त बताते हुए कहा था कि राज्य सरकार सक्षम होती तो एनकाउंटर का मुद्दा लोकसभा में नहीं उठाना पड़ता. केंद्र सरकार को भी राजस्थान सरकार से रिपोर्ट लेनी चाहिए.
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