जयपुर में गुरुवार, 13 अगस्त को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए. इनमें UCC बिल, पर्यावरण संरक्षण और पानी की सप्लाई, रोजगार और प्रमोशन से जुड़े फैसले शामिल थे. कैबिनेट बैठक के बाद उपमुख्यमंत्री डॉक्टर प्रेमचंद बेरवा, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, उद्योग राज्य मंत्री के के बिश्नोई और जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने फैसले के बारे में जानकारी दी है. बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए जलदाय मंत्री ने ग्रामीण इलाकों में पानी पर शुल्क लगाने के संकेत दिए.
फीस लगाने का तर्क
मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने कहा,"मेरी व्यक्तिग राय है, और कई जगह लोग चाहते हैं कि 50 रुपये की फीस ली जाए. हमने कमिटी के अंदर इस बात को रखा है. पर मेरी व्यक्तिगत राय है कि जिस प्रकार अन्य राज्यों में फीस ली जाती है, उसी प्रकार अगर यहां भी कम-से-कम 50 रुपये की फीस ली जाए, तो अगर कोई व्यक्ति पानी की चोरी कर रहा है तो लोग उसकी शिकायत करेंगे. अगर कोई व्यक्ति पहले एक महीने में 2000 का टैंकर लेता था तो उसके लिए 50 रुपये कोई बड़ी रकम नहीं है. इससे समुचित मॉनिटरिंग होगी और लोगों को अच्छी क्वालिटी में सही क्वांटिटी में पानी मिलेगा."
मंत्री ने यह भी बताया कि अगर कोई व्यक्ति अवैध तरीके से पानी लेता है तो मना करने पर भी ऐसा करना नहीं बंद करता है तो उसके खिलाफ समिति को एफआईआर करवाने का भी प्रावधान रखा गया है.
नियमित, स्वच्छ और टिकाऊ जल आपूर्ति
कैबिनेट बैठक में जानकारी दी गई कि राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में नल से जल की आपूर्ति को नियमित, स्वच्छ और टिकाऊ बनाए रखने के लिए संचालन एवं संधारण नीति को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है. मंत्री ने बताया कि इस नीति में केंद्र सरकार के जल जीवन मिशन 2.0 के दिशा-निर्देशों तथा इसके सभी 19 प्रमुख घटकों को शामिल किया गया है. इस नीति के माध्यम से ग्राम पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक 5-स्तरीय सुदृढ़ ढांचा तैयार होगा, जिससे दीर्घकालिक संचालन और पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी.
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