जैसलमेर में मंगलवार सुबह एक बड़ा हादसा होने से टल गया. जिले के धऊवा गांव के पास एक चलती स्कूल बस अचानक आग की लपटों में घिर गई. इस बस में 16 स्कूली बच्चे सवार थे. हालांकि पहले यह संख्या 20 से ज्यादा बताई गई थी. गनीमत रही कि इंजन से धुआं उठते ही ड्राइवर ने सूझबूझ दिखाई और बस को सड़क किनारे रोक दिया और आनन-फानन सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. यह घटना कितनी गंभीर हो सकती है इसका अंदाजा इससे मिल सकता है कि बच्चों के उतरने के कुछ ही मिनट बाद बस धू-धू कर जलने लगी और देखते ही देखते पूरी तरह आग की चपेट में आ गई.
शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट पर शक
एसएम पब्लिक स्कूल की बस पिथला गांव से बच्चों को लेकर डाबला रोड की ओर जा रही थी. बताया जा रहा है कि धऊवा गांव के पास सड़क पर बने गड्ढे में बस का अगला पहिया आने से अचानक झटका लगा. इसके बाद इंजन वाले हिस्से से धुआं उठने लगा. कुछ ही देर में आग की लपटें निकलने लगीं. शुरुआती जांच में वायरिंग में शॉर्ट सर्किट को आग की संभावित वजह माना जा रहा है.
बस थोड़ी ही देर में लपटों में घिर गई
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नगर परिषद के अग्निशमन अधिकारी कृष्णपाल सिंह के अनुसार, सुबह करीब 7 बजे बस में आग लगने की सूचना मिली. सूचना मिलते ही 2 से 3 दमकल वाहन मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया. हालांकि तब तक बस पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी. बस में रखे बच्चों के स्कूल बैग, कॉपी-किताबें और अन्य सामान भी जल गए.
बस की जांच करते अधिकारी
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फिटनेस पर सवाल
हादसे में सबसे गंभीर सवाल बस की फिटनेस को लेकर उठ रहा है.बस का फिटनेस प्रमाणपत्र 29 जुलाई 2026 को ही एक्सपायर हो चुका था. यानी फिटनेस खत्म होने के करीब 13 दिन बाद भी बस बच्चों को लेकर सड़क पर दौड़ रही थी.परिवहन विभाग अब बस के दस्तावेजों और हादसे के कारणों की जांच कर रहा है.
जिला परिवहन कार्यालय के अधिकारी टीकूराम ने एनडीटीवी फोन पर बताया कि जैसलमेर में पिछले नवंबर से फिटनेस का काम बंद है और यह प्रक्रिया अब जोधपुर में की जा रही है. उन्होंने कहा कि बस के अन्य दस्तावेज पूरे बताए गए हैं, लेकिन फिटनेस की वैधता खत्म होने के बावजूद बस के संचालन को लेकर जांच की जा रही है.
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