राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र आज से, कांग्रेस ने बनाई सरकार को सदन के बाहर और भीतर घेरने की रणनीति 

सत्र में UCC के अलावा कानून-व्यवस्था, शिक्षा, किसान, युवा, रोजगार, कर्मचारी कल्याण, निकाय और पंचायत चुनाव समेत कई मुद्दों पर सरकार और विपक्ष आमने-सामने आ सकते हैं. 

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विधानसभा का मॉनसून सेशन शुरू.
फाइल फोटो

Rajasthan Monsoon Session: राजस्थान विधानसभा का मानसून सत्र आज से शुरू हो रहा है. 16वीं विधानसभा का यह छठा सत्र है और फिलहाल इसे 27 अगस्त तक प्रस्तावित किया गया है.  सीमित अवधि के इस सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक सदन में पेश करने की तैयारी में है. इनमें राजस्थान समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 सबसे अहम माना जा रहा है. 

सत्र शुरू होने से एक दिन पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने मुख्यमंत्री निवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक लेकर सत्ता पक्ष की रणनीति तय की. वहीं कांग्रेस ने भी सरकार को सड़क से सदन तक घेरने की तैयारी की है.  ऐसे में छोटे सत्र के बावजूद विधानसभा में सियासी गर्मी बढ़ने के आसार हैं. 

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UCC विधेयक पर सबसे ज्यादा नजर

सरकार राजस्थान समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 सदन में पेश कर सकती है.  प्रस्तावित कानून में विवाह, तलाक, उत्तराधिकार, भरण-पोषण और लिव-इन संबंधों के लिए समान कानूनी व्यवस्था का प्रावधान है. 

विधेयक में कानून लागू होने के बाद 60 दिन के भीतर विवाह पंजीकरण अनिवार्य करने का प्रस्ताव है.  बहुविवाह पर प्रतिबंध और लिव-इन संबंधों के पंजीकरण से जुड़े प्रावधान भी प्रस्तावित हैं.  आदिवासी समुदायों की पारंपरिक प्रथाओं को विधेयक के दायरे से बाहर रखने का प्रावधान किया गया है. 

पेड़ों की कटाई पर सख्ती का विधेयक

राजस्थान वृक्ष संरक्षण विधेयक-2026 भी सरकार के प्रमुख विधायी एजेंडे में है.  इसमें पेड़ों की अवैध और अंधाधुंध कटाई रोकने के लिए सख्त प्रावधान प्रस्तावित हैं.  हरियाली बढ़ाने और मरुस्थलीकरण रोकने पर भी जोर दिया गया है. खेजड़ी, रोहिड़ा और पीपल समेत 29 प्रजातियों को विशेष संरक्षण देने का प्रावधान प्रस्तावित है. 

कर और सेवा नियमों में बदलाव

वाणिज्यिक कराधान विधेयक के जरिए कर व्यवस्था को सरल बनाने और कर प्रक्रियाओं तथा राजस्व व्यवस्था में सुधार से जुड़े प्रावधान किए जाएंगे. राजस्थान सेवा नियम-1951 में भी संशोधन प्रस्तावित है.  इसके तहत मृत सरकारी कर्मचारियों की बहुओं को अनुकंपा नियुक्ति के लिए पात्र बनाने का प्रावधान है.  सरोगेट मातृत्व अवकाश और चाइल्डकेयर लीव से जुड़े नियमों में बदलाव भी किए जाएंगे. 

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पहले दिन शोकाभिव्यक्ति

सत्र के पहले दिन सदन में शोकाभिव्यक्ति होगी.  पूर्व राज्यपाल डी.वाई. पाटील, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूरी, आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एन. भास्कर राव समेत पूर्व सांसदों और विधायकों को श्रद्धांजलि दी जाएगी. इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी.  कार्यवाही समाप्त होने के बाद विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में सलाहकार समिति की बैठक होगी.  इसमें सत्र के आगामी कामकाज और विधायी कार्यों की रूपरेखा तय की जाएगी. 

कांग्रेस का सरकार को घेरने का प्लान

कांग्रेस ने सत्र के पहले ही दिन सरकार के खिलाफ पैदल मार्च निकालने का फैसला किया है.  कांग्रेस विधायक सुबह 8:45 बजे विधायक आवास के लॉन में एकत्र होंगे.  पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की जयंती पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में विधानसभा तक पैदल मार्च निकाला जाएगा. 

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इन मुद्दों पर घेरेगा विपक्ष 

कांग्रेस ने सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर रोक, प्रसूताओं की मौत, शिक्षा व्यवस्था, पंचायत और निकाय चुनाव, कानून-व्यवस्था, सरकार की घोषणाओं और लंबित आश्वासनों को प्रमुख मुद्दा बनाया है. नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार पर आरोप लगाया है कि वह अपने काम के बजाय धर्म और जाति के मुद्दों के जरिए राजनीति कर रही है.  उन्होंने सरकार को चुनौती दी है कि आगामी पंचायत और निकाय चुनाव कामकाज के आधार पर लड़कर दिखाए. 

सरकारी स्कूलों में मीडिया की एंट्री पर रोक के मुद्दे को कांग्रेस विधानसभा में प्रमुखता से उठाएगी.  टीकाराम जूली ने सवाल किया है कि सरकारी स्कूलों की कमियां सामने आने से रोकने के लिए मीडिया पर पहरा क्यों लगाया जा रहा है.  उन्होंने तंज करते हुए पूछा कि क्या अब मीडिया ‘वर्क फ्रॉम होम' करेगा. 

BJP का फोकस सरकार की उपलब्धियों पर

विपक्ष के हमलों के जवाब में भाजपा ने भी अपनी रणनीति तैयार कर ली है.  मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधायक दल की बैठक में विधायकों से सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को तथ्यों के साथ सदन में रखने को कहा. 

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए सरकार ने ढाई साल में कई विकास कार्य धरातल पर उतारे हैं.  उन्होंने कांग्रेस पर भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया और विधायकों से विपक्ष के आरोपों का मजबूती से जवाब देने को कहा. 

पेपरलीक और रोजगार पर सरकार घेरेगी कांग्रेस को

मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय पेपरलीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों से युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ.  भाजपा सरकार ने पेपरलीक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है. 

मुख्यमंत्री के मुताबिक, मौजूदा सरकार के कार्यकाल में अब तक 410 परीक्षाएं बिना पेपरलीक के आयोजित की गई हैं.  करीब 1 लाख 89 हजार से अधिक पदों पर नियुक्तियां दी जा चुकी हैं.  1 लाख 22 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जबकि 70 हजार से अधिक पदों पर भर्ती की तैयारी की जा रही है. 

10 लौटाए गए विधेयक भी बन सकते हैं मुद्दा

राजभवन से पुनर्विचार के लिए लौटाए गए 10 विधेयक भी सरकार और विपक्ष के बीच टकराव का कारण बन सकते हैं.  सरकार इन विधेयकों को दोबारा सदन में रखने की तैयारी में है. 

इसके अलावा करीब 1490 सवालों के जवाब लंबित होने का मुद्दा भी विपक्ष उठा सकता है.  कांग्रेस सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग कर रही है.  नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली 15 से 25 दिन तक सत्र चलाने की मांग कर चुके हैं, जबकि सरकार सीमित अवधि में विधायी कामकाज पूरा करने के पक्ष में है. 

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