नागौर जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के नाम पर हुए करोड़ों रुपये के कथित फर्जीवाड़े की जांच अब और तेज हो गई है. मामले में पांच एफआईआर दर्ज होने के बाद एसओजी की टीम नागौर पहुंची है और गिरफ्तार पांच आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. फिलहाल सदर थाने में गिरफ्तार पांच आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. गुरुवार सुबह चार अन्य युवकों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था. माना जा रहा है कि जांच के दौरान मिले नए इनपुट के आधार पर आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
फर्जी दस्तावेज से हासिल किए बीमा क्लेम
अजमेर रेंज आईजी के निर्देश पर नागौर पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी ने इस मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (SOG) का गठन किया था. एसआईटी ने कार्रवाई करते हुए सियाराम, रविंद्र, तरुण, सुखवीर सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था. आरोपियों के कब्जे से किसानों से ठगी गई नकदी, फसल बीमा के फर्जी दस्तावेज तथा घटना में प्रयुक्त एक स्कॉर्पियो वाहन भी बरामद किया गया था.
एसओजी और एसआईटी की टीमें पिछले तीन वर्षों में जारी फसल बीमा पॉलिसियों और क्लेम से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं. सूत्रों का दावा है कि मामले में कई प्रभावशाली लोगों और प्रतिनिधियों के नाम भी सामने आए हैं. जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह घोटाला करोड़ों रुपये तक पहुंच सकता है. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की परतें खोलने में जुटी हुई है.
एक किसान के नाम पर दूसरे जिले में उठाया बीमा
नागौर एडिशनल एसपी आसाराम चौधरी ने बताया कि पंचोली थाने में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्लेम को लेकर गए पांच मामले दर्ज हैं जिसको लेकर के एसआईटी का गठन करने के बाद जांच तेज कर दी गई .है वहीं आरोपियों की धर पकड़ लगातार जारी है. इस फर्जीवाड़े में कई लोगों के शामिल होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है. इसको लेकर पुलिस पूरे मामले की जनता से जांच कर रही है.
सामाजिक कार्यकर्ता और किसान रुपाराम ने बताया कि पूर्व में उसके साथ कोई गड़बड़ी के बाद से लगातार जब वह इस मामले में पड़ताल में लगा तो उसमें कई खुलासे सामने आए. जिसमें एक ही नाम का किसान का खेत के कागज लगाकर दूसरे जिले में बीमा करवा कर क्लेम तक उठा लिए गए. वहीं बैंकों में न्यू अकाउंट खुल कर उसमें पैसे मंगवा भी गए. यह सब जानकारी सामने आने के बाद मामला दर्ज करवाया गया है, इसकी जांच चल रही है.
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