राष्ट्रीय मजदूर कांग्रेस (INTUC) के प्रदेशाध्यक्ष और पूर्व मंत्री जगदीश राज श्रीमाली भीलवाड़ा दौरे पर रहे. श्रीमाली हाल ही में जोहान्सबर्ग (दक्षिणी अफ्रीका) में अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन द्वारा आयोजित 'श्रम सम्मेलन' में शिरकत करने के बाद राजस्थान पहुंचे हैं. कांग्रेस सगंठन से जुड़े श्रीमाली का इस मौके पर दर्द छलक पड़ा. उन्होंने कहा कि एक वक्त था जब इंटक से जुड़े श्रमिक नेताओं को टिकट मिला करते थे, लेकिन आज उन्हें दरकिनार किया जा रहा है. अब इंटक के सदस्यों की बजाय उद्योगपतियों को टिकट मिलने लगे हैं. यही वजह है कि पार्टी की लोकप्रियता में गिरावट आने लगी. गांधी मजदूर सेवालय में मजदूरों से संवाद कर टेक्सटाइल सिटी के मजदूरों की समस्या की जानकारी भी ली.
AI मजदूरों के लिए अभिशाप- श्रीमाली
उन्होंने भीलवाड़ा गांधी मजदूर सेवालय में श्रमिक व विधिक सहायता केंद्र का शुभारंभ किया. इसी दौरान सरकार से केंद्रीय श्रमिक शिक्षा बोर्ड के गठन की मांग रखी. मीडिया से बातचीत में कहा कि एआई मजदूरों के लिए अभिशाप है और इससे भारत में बेरोजगारी बढ़ेगी.
बोले- कम जनसंख्या वाले देश में एआई वरदान
विदेश में आयोजित हुए श्रम सम्मेलन में एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से मानव प्रभाव पर तीन दिन तक मंथन हुआ. उन्होंने बताया कि भारत में युवा बेरोजगारी से चिंतित हैं और वहां एआई की वजह से रोजगारों के अवसर खत्म हो जाएंगे. आने वाली युवा पीढ़ी को रोजगार के अवसर में अवरोध पैदा होगा. साथ ही उन्होंने कहा कि जिन देशों में जनसंख्या कम है, वहां एआई वरदान साबित हो सकता है.
12 घंटे मजदूरी का भी किया विरोध
श्रीमाली के मुताबिक, रिसर्च, साइंस, टेक्नोलॉजी और अंतरिक्ष में एआई सहायक है. लेकिन टेक्सटाइल, खनन, मजदूरी के साथ यातायात सभी जगह एआई आता है तो रोजगार के अवसर खत्म हो जाएंगे. टेक्सटाइल इंडस्ट्री में 8 की जगह 12 घंटे मजदूरों से काम करवाने के सवाल पर इंटक प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि लेबर कोर्ट ने मजदूरों की ड्यूटी के लिए 12 घंटे का प्रावधान कर दिया है और इंटक विरोध कर रहा है, लेकिन हमारी सुनवाई नहीं हो रही है.
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