दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर 2 तस्करों का पीछा कर रही थी पुलिस, चंबल नदी के पुल से लगा दी छलांग

पुलिस ने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर पीछा किया तो दोनों संदिग्ध ने चंबल पुल पर कार छोड़ दी. इसके बाद पुलिस से बचने के लिए चंबल पुल से छलांग लगा दी.

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जब पुलिस पीछा कर रही थी तो दोनों संदिग्ध ने चंबल पुल पर कार छोड़ दी.

तस्करी के मामले से जुड़े 2 लोगों ने पुलिस से बचने की कोशिश में चंबल नदी के पुल से छलांग लगा दी. कोटा ग्रामीण पुलिस की डीएसटी टीम उनका पीछा कर रही थी. बताया जा रहा है कि वह तस्करी में शामिल थे. दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर कार में सवार दोनों लोगों ने पुलिस को चकमा देने की कोशिश की और इसी चक्कर में दोनों संदिग्ध जान से हाथ धो बैठे. दोनों के शवों को निकालकर सुल्तानपुर पीएचसी की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया है.

सड़क पर फेंके डोडा चूरा के 9 कट्टे

पुलिस टीम ने कार का पीछा किया. पीछा किए जाने के दौरान आरोपियों ने मौके का फायदा उठाकर कार में रखे डोडा चूरा के 9 कट्टे सड़क किनारे फेंक दिए. इसके बाद कार को चंबल नदी पुल पर छोड़कर उसमें सवार दो व्यक्ति नदी में कूद गए. सूचना पर रेस्क्यू अभियान चलाकर दोनों के शव बाहर निकाले गए और सुल्तानपुर पीएचसी की मोर्चरी में पोस्टमार्टम के लिए रखवाया गया. 

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पुलिस ने रुकने का इशारा किया, ड्राइवर ने रफ्तार बढ़ाई

कोटा ग्रामीण एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि एनएच-27 स्थित सिमलिया टोल प्लाजा पर डीएसटी टीम नाकाबंदी कर रही थी. इसी दौरान बारां की ओर से यूपी नंबर की एक कार पहुंची. पुलिस ने चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने वाहन रोकने के बजाय तेज रफ्तार में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की ओर भगा दिया.

पंजाब और राजस्थान के रहने वाले थे दोनों मृतक

मृतकों की पहचान राज सिंह निवासी साफीरपुर कला, जिला संगरूर (पंजाब) और चैन सिंह, हरनावदा, जिला बारां (राजस्थान) के तौर पर हुई.  पुलिस ने मौके से फेंका गया डोडाचूरा भी बरामद कर लिया है. मामले में मादक पदार्थ की मात्रा, तस्करी के नेटवर्क और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर जांच जारी है.

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