श्मशान घाट पर भी संघर्ष,  टिनशेड नहीं; बारिश में दो घंटे त्रिपाल के नीचे रहा शव

श्‍मशान घाट पर भी मूलभूत सुव‍िधाओं का अभाव है. बारिश में चिता बचाने के लिए ग्रामीणों को मशक्कत करनी पड़ी. 

विज्ञापन
Read Time: 2 mins
श्मशान घाट पर त्रिपाल नहीं होने की वजह से अंतिम संस्कार करने में बहुत परेशानी का सामना करना पड़ा.
NDTV Reporter

बारां के अंता क्षेत्र के डाबरी काकाजी गांव से सामने आई एक तस्वीर गांवों में विकास के दावों पर सवाल खड़े करती है, जिस गांव से विधायक, प्रधान और सरपंच जैसे जनप्रतिनिधि रहे, उसी गांव में बारिश के दौरान अंतिम संस्कार के लिए भी ग्रामीणों को परेशान होना पड़ा. श्मशान घाट पर टिनशेड नहीं होने के कारण बारिश में शव को करीब 2 घंटे तक त्रिपाल और डंडों के सहारे ढंककर रखना पड़ा. 

त्रिपाल पकड़कर 2 घंटे खड़े रहे ग्रामीण 

डाबरी काकाजी गांव में एक परिवार अंतिम संस्कार के लिए शव को श्मशान घाट लेकर पहुंचा था. इसी दौरान बारिश शुरू हो गई. श्मशान घाट पर कोई पक्का टिनशेड नहीं होने के कारण ग्रामीणों ने त्रिपाल लगाकर शव को बारिश से बचाने का प्रयास किया. करीब 2 घंटे तक शव को इसी तरह रखना पड़ा.

Advertisement

ग्रामीणों ने दिखाई नाराजगी  

बारिश का असर चिता पर भी पड़ा. लकड़ियां भीग गईं, और चिता को भी त्रिपाल के सहारे बचाने की कोशिश की गई. बारिश कम होने के बाद ग्रामीणों ने काफी मशक्कत की और किसी तरह अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की. इस दौरान ग्रामीणों में व्यवस्था को लेकर नाराजगी भी दिखाई दी. 

श्मशान में टिनशेड लगाने की मांग 

ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट पर टिनशेड और अन्य बुनियादी सुविधाओं की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन अब तक समस्या का समाधान नहीं हुआ. ग्रामीणों का सवाल है कि जब आजादी के 80 साल पूरे होने जा रहे हैं, तब भी अंतिम संस्कार जैसी मूलभूत जरूरत के लिए लोगों को मौसम के भरोसे क्यों रहना पड़ रहा है. 

ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से श्मशान घाट पर जल्द टिनशेड निर्माण कराने की मांग की है. उनका कहना है कि किसी परिवार को दोबारा ऐसी परिस्थिति का सामना न करना पड़े, इसके लिए अब ठोस कार्रवाई जरूरी है. डाबरी काकाजी की यह तस्वीर ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की जमीनी हकीकत पर बड़ा सवाल खड़ा करती है. 

(अर्जुन अरविंंद की रिपोर्ट )

यह भी पढ़ें: राजस्थान में भारी बारिश से जनजीवन प्रभावित, मुकंदरा टनल में भरा पानी; अगले 48 घंटे के लिए अलर्ट

Advertisement
Topics mentioned in this article