राजस्थान में आज पंचायत और निकाय चुनाव में आरक्षण की तस्वीर हो रही साफ, निकली लॉटरी

राजस्थान में आज निकाय और पंचायत चुनाव के लिए अहम दिन है जब लॉटरी प्रक्रिया से सीटों का आरक्षित पदों की तस्वीर साफ हो जाएगी.

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राजस्थान में आज शहरी निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में एससी, एसटी, ओबीसी और महिला वर्ग के आरक्षण के लिए लॉटरी निकाली गई है. इसके साथ ही प्रदेश के 309 शहरी निकायों के लिए होनेवाले चुनाव में पदों का आरक्षण तय हो गया है. इनमें 10 नगर निगम हैं जहां मेयर का पद है, 51 नगर परिषद हैं जहां सभापति चुने जाएंगे. इनके अलावा 248 नगरपालिकाएं हैं जिनके चेयरमैन के पदों पर आरक्षण के लिए लॉटरी निकाल दी गई है. तय कार्यक्रम के अनुसार 13 अगस्त को सुबह जयपुर स्थित स्वायत्त शासन निदेशालय के सभागार में लॉटरी निकाली गई. इस दौरान सभी पार्टियों के प्रतिनिधि सभागार में मौजूद रहे. सभी पार्टियों के प्रतिनिधियों के समक्ष लॉटरी निकाली गई. शासन सचिव रवि जैन ने लॉटरी निकालने की प्रक्रिया की अध्यक्षता की.

पंचायत और न‍िकाय चुनाव की आरक्षण की न‍िकली लॉटरी, देखें पूरी ल‍िस्‍ट

स्थानीय चुनाव की प्रक्रिया में इस चरण का काफी महत्व है और आरक्षण की पूरी प्रक्रिया के बाद चुनाव कार्यक्रम जारी हो सकता है और आचार संहिता लागू हो जाएगी. 

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22 अगस्त को जारी हो सकती है अधिसूचना

मौजूदा चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, 22 अगस्त को निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी किए जाने की तैयारी है. 27 अगस्त तक नामांकन, 29 अगस्त को नामांकन पत्रों की जांच और 31 अगस्त तक नाम वापसी का कार्यक्रम प्रस्तावित है. निकाय चुनाव दो चरणों में कराने की तैयारी है. पहले चरण में 140 नगर निकायों के 5050 वार्डों में मतदान कराया जाएगा, जबकि दूसरे चरण में 169 नगर निकायों के 5,195 वार्डों में वोटिंग होगी. मतदान 6 और 9 सितंबर को कराने की तैयारी है. मतगणना 11 सितंबर को प्रस्तावित है.

7 साल पहले निकली थी लॉटरी

राजस्थान में इससे पहले 2019 में नगरीय निकाय चुनाव की लॉटरी निकाली गई थी. इससे पहले हुए चुनाव के दौरान 2019 में राज्य के 193 नगरीय निकायों के 7280 वार्डों के लिए आरक्षित पदों की लॉटरी निकाली गई थी. सात साल बाद निकायों की संख्या बढ़कर 309 और वार्डों की संख्या 10245 हो चुकी है.

इस बार लॉटरी निकालने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति की जो सीटें 2014 और 2019 में आरक्षित थी। उन्हें इस बार आरक्षण की सूची से बाहर किया है. इसके बाद बची हुई सीटों में एससी और एसटी में उनके जनसंख्या के आंकड़ों को अवरोही यानी सबसे ज्यादा जनसंख्या वाली सीट सबसे पहले के हिसाब से सूचीबद्ध की गई है.

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