राजस्थान में भजनलाल सरकार ने विधानसभा में समान नागरिक संहिता (UCC) बिल पेश कर दिया है. आज, शुक्रवार, 21 अगस्त को मानसून सत्र के दौरान संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने हंगामे के बीच सदन में बिल पेश कर दिया. बिल पेश करने के दौरान कांग्रेस विधायकों की तरफ से सदन के वेल में हंगामा और नारेबाजी जारी रही. हालांकि बिल पेश करने के थोड़ी देर बाद ही पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई. विधेयक पर चर्चा मानसून सत्र के अगले चरण में होगी. विधानसभा का अगला चरण शहरी और पंचायती राज निकाय चुनाव के बाद संभवत नवंबर महीने में होगा.
हंगामा और स्थगन
विधानसभा की बैठक शुक्रवार को दो बार स्थगित हुई. पहले तो शुरुआत में ही 12 बजे और फिर से सदन शुरू होने पर हंगामे के चलते एक बजे तक बैठक स्थगित हुई. दो बार स्थगित होने के बाद दोपहर एक बजे एक बार फिर सदन की बैठक शुरू हुई. कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस विधायकों ने विभिन्न मांगों को लेकर हंगामा किया और सदन के वेल में पहुंचकर नारेबाजी की.
संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल ने बिल पेश किया (File)
Photo Credit: @JogarampatelMLA
UCC बिल पेश
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने इसी हंगामे के बीच सदन में राजस्थान समान नागरिक संहिता विधेयक पेश किया. किसी भी विधेयक पर चर्चा से पहले उसे सदन में पेश किया जाना जरूरी होता है. सदन में सर्वसम्मति से राजस्थान समान नागरिक संहिता विधेयक को पेश किया गया. नियमों के मुताबिक विधेयक पर चर्चा से पहले 48 घंटे का समय दिया जाना जरूरी है. ऐसे में आज UCC विधेयक पर चर्चा नहीं हुई. विधानसभा के मौजूदा सत्र के दूसरे चरण में इस विधेयक पर चर्चा करके पारित कराया जाएगा.
कांग्रेस ने की आपत्ति
इस दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि सरकार केवल अपना एजेंडा पारित करना चाहती है. उन्होंने कहा कि जनता से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होनी चाहिए. इस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि फिलहाल विधायी कामकाज नहीं, बल्कि वित्तीय मंजूरियां की जानी हैं और ये मंजूरियां जरूरी हैं. अध्यक्ष के जवाब पर नेता प्रतिपक्ष ने एतराज जताया. इसके बाद कांग्रेस विधायक विरोध जताते हुए सदन से बाहर चले गए और विधानसभा की कार्यवाही का बहिष्कार कर दिया.
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