बिना गुलाब खाटू श्याम का शृंगार
अधूरा क्यों


सीकर से 43 कि.मी दूर खाटू गांव में बाबा श्याम का जन्म हुआ था. यहां हर रोज भक्तों का हुजूम जुटता है. जो अपने साथ गुलाब लेकर आते हैं.

भक्त श्रद्धा भाव से खाटू श्याम को गुलाब चढ़ाते हैं. कहा जाता है कि बाबा को गुलाब बेहद प्रिय है. लेकिन ऐसा क्यों आइए जानते हैं. 

मान्यता है कि बाबा श्याम का जहां जन्म हुआ था, वहां पास में ही गुलाबों का बड़ा बगीचा था. उसे गुलाबी नगरी भी कहा जाता है. 

बचपन में बाबा श्याम गुलाबों की नगरी में ही वक्त बिताया करते थे. वो गुलाबों के साथ खेलते थे. ऐसे में उन्हें शुरू से ही गुलाब प्रिय लगने लगा. 

गुलाब से प्रेम के कारण ही बाबा श्याम को श्रद्धालु गुलाब चढ़ाते हैं.  उनका शृंगार करते हुए गुलाब की कमी न हो इसका ध्यान रखा जाता है

सीकर के अलावा भी देश-विदेश में जहां भी बाबा श्याम का दरबार है, वहां भक्त गुलाब से उनकी पूजा-अर्चना करते हैं. 

गुलाबों से शृंगार के बाद बाबा श्याम का दरबार देखते ही बनता है. कई भक्त गुलाब चढ़ाने के बाद उसे अपने घर भी ले आते हैं.