राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र से एक दिन पहले बुधवार (19 अगस्त) शाम को सीएम आवास पर भाजपा विधायक दल की बैठक हुई. इस दौरान 20 अगस्त से शुरू होने वाले राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र की रणनीति पर भी चर्चा हुई. साथ ही विपक्ष के संभावित मुद्दों और सदन में विधायी कार्यों पर मंथन किया गया. बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़, राष्ट्रीय महामंत्री हरीश द्विवेदी, डिप्टी सीएम दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, संसदीय कार्यमंत्री जोगाराम पटेल और मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग सहित मंत्री परिषद के सदस्य और भाजपा विधायक मौजूद रहे.
सीएम ने कार्यवाही में सक्रिय रूप से लेने की अपील की
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधायकों से विधानसभा की कार्यवाही में सक्रिय रूप से भाग लेने को कहा. उन्होंने निर्देश दिए कि सरकार की उपलब्धियों और भविष्य के विजन को प्रमुखता से सदन में रखा जाए. साथ ही अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों से जुड़े जनहित के मुद्दों को भी प्रभावी तरीके से उठाने पर जोर दिया. सीएम ने कहा कि राज्य सरकार जनता से किए गए वादों को अभूतपूर्व गति से पूरा कर रही है. भाजपा सरकार ने जनकल्याण को ध्येय मानते हुए प्रदेशभर में विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा है.
सीएम ने सरकार की उपलब्धियों को जनता के बीच ले जाने की अपील दी.
जनता को कांग्रेस की हकीकत बताएं- मुख्यमंत्री
सीएम ने विधायकों से कहा, "वे जनता को कांग्रेस की हकीकत बताएं और लोगों को कांग्रेस पर भरोसा नहीं करने के लिए सचेत करें. डबल इंजन सरकार ने राजस्थान के विकास का रोडमैप तैयार किया है. पानी, बिजली, उद्योग, रोजगार और सड़क सहित सभी क्षेत्रों में सरकार ने उल्लेखनीय काम किए हैं." वहीं, मानसून सत्र में सरकार के विधायी एजेंडे पर भी सभी की नजर रहेगी. राजस्थान समान नागरिक संहिता विधेयक-2026 समेत कई महत्वपूर्ण विधेयकों को लेकर सदन में चर्चा होने की संभावना है. इसके अलावा पेड़ों के संरक्षण, ग्रामीण जलापूर्ति, कर्मचारी कल्याण और अन्य नीतिगत विषयों से जुड़े प्रस्ताव भी महत्वपूर्ण रहेंगे.
मानसून सत्र की अवधि को लेकर बीजेपी और कांग्रेस में मतभेद
राज्य में शहरी निकाय चुनाव की आचार संहिता लागू होने के बीच विधानसभा का यह सत्र राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. भाजपा विधायक दल की बैठक में सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के साथ राजनीतिक मुद्दों पर भी सत्ता पक्ष की रणनीति को लेकर चर्चा हुई.
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बीजेपी विधायकों के साथ चर्चा.
मानसून सत्र की अवधि को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच मतभेद सामने आए हैं. विपक्ष की ओर से सत्र की अवधि बढ़ाने की मांग की जा रही है, जबकि सरकार सीमित अवधि में विधायी कामकाज पूरा करने की तैयारी में है.
इससे पहले विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी की अध्यक्षता में सर्वदलीय बैठक भी हुई थी. इसमें सदन की कार्यवाही को शांतिपूर्ण और प्रभावी तरीके से संचालित करने को लेकर चर्चा हुई. अब 20 अगस्त से शुरू होने वाले विधानसभा सत्र में सरकार अपने विधायी एजेंडे को आगे बढ़ाने के साथ विपक्ष के हमलों का जवाब देने की तैयारी में है.
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