राजस्थान में नगर निकाय चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है. इसका असर बुधवार (19 अगस्त) को अजमेर में देखने को मिला. भारतीय जनता पार्टी कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी और देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना को सरकारी गाड़ियां मौके पर ही छोड़नी पड़ी. बैठक समाप्त होने के बाद दोनों नेताओं ने सरकारी वाहनों का इस्तेमाल नहीं किया और अपने-अपने निजी वाहनों से रवाना हुए.
बैठक में मौजूद थे, तभी तारीखों का ऐलान
दरअसल, आचार संहिता लागू होने के साथ ही सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर चुनाव आयोग के दिशा-निर्देश प्रभावी हो गए हैं. दोनों नेता सरकारी गाड़ी से बैठक में पहुंचे थे. लेकिन चुनाव आयोग की प्रेस कांफ्रेंस के बाद आचार संहिता लागू हो गई. यही वजह रही कि दोनों नेताओं को निजी वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ा.

आचार संहिता लागू होने के बाद सरकारी गाड़ी रवाना.
इस बारे में देवनारायण बोर्ड के अध्यक्ष ओमप्रकाश भड़ाना ने एनडीटीवी से बातचीत की. उन्होंने बताया कि आदर्श आचार संहिता लोकतांत्रिक चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. सभी राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को आचार संहिता की पूरी तरह पालना करनी चाहिए. भड़ाना ने कहा कि नियमों की पालना से आम लोगों में चुनाव प्रक्रिया और उसके परिणाम को लेकर निष्पक्षता का स्पष्ट संदेश जाता है. उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से चुनाव आयोग के निर्देशों का सम्मान करते हुए निष्पक्ष चुनाव में सहयोग करने की अपील की.
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