राजस्थान विधानसभा के मानसून सत्र को लेकर सरकार ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. 20 अगस्त से होने वाले सत्र के लिए विपक्ष के साथ-साथ सभी विधायकों के सवालों का जवाब देने के लिए सरकार ने मंत्रियों की जिम्मेदारियां तय कर दी हैं. सत्र के दौरान रोजाना सभी मंत्री सदन में मौजूद रहेंगे. सत्र के दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अधीन विभागों से जुड़े विधानसभा के कामकाज के लिए भी मंत्रियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है. डिप्टी सीएम दिया कुमारी समेत 5 मंत्रियों को मुख्यमंत्री के विभागों से जुड़े विधानसभा प्रश्नों के जवाब देने, प्रस्तावों के अनुमोदन और अन्य संसदीय कार्यों के लिए अधिकृत किया गया है.
सभी मंत्री 41 जिलों का दौरा करेंगे
विधानसभा सत्र से पहले 41 मंत्री जिलों का दौरा करेंगे. मंत्रियों को जिलों में जाकर लोगों की समस्याएं सुनने और लंबित मामलों की जानकारी लेने के निर्देश दिए गए हैं. इस दौरान मंत्रियों के पास बड़ी संख्या में आम लोगों की शिकायतें और आवेदन भी पहुंचेंगे. लेकिन निकाय और पंचायत चुनाव की प्रक्रिया के चलते चुनाव आचार संहिता लागू होने की संभावना के चलते सरकार नई भर्तियों और नई वित्तीय घोषणाओं का ऐलान नहीं कर पाएगी. हालांकि, पहले से स्वीकृत और चल रहे कामों को आगे बढ़ाया जा सकेगा.
दिया कुमारी को सांख्यिकी विभाग से जुड़े संसदीय कार्यों का जिम्मा
सरकार की ओर से की गई यह व्यवस्था सिर्फ विधानसभा सत्र के लिए है. दिया कुमारी को आयोजना, आयोजना (जनजाति) और सांख्यिकी विभागों से जुड़े संसदीय कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है. गजेंद्र सिंह को खान एवं पेट्रोलियम, मत्स्य, राजकीय उपक्रम, प्रवासी भारतीय, कृषि सिंचित क्षेत्र विकास एवं जल उपयोगिता, इंदिरा गांधी नहर, आबकारी और कराधान विभागों से जुड़े संसदीय कार्यों के लिए अधिकृत किया गया है.
इन मंत्रियों को मिली जिम्मेदारी
वहीं, जोगाराम पटेल को कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय, सामान्य प्रशासन, सम्पदा, निर्वाचन, मंत्रिमंडल सचिवालय, राजस्थान स्टेट मोटर गैराज, मुद्रण एवं लेखन सामग्री और भाषा एवं पुस्तकालय सहित कई विभागों के संसदीय कार्यों की जिम्मेदारी दी गई है. सुमित गोदारा को सूचना एवं जनसंपर्क, शांति एवं अहिंसा, कृषि विपणन, अल्पसंख्यक मामले एवं वक्फ, श्रम तथा कारखाना एवं बॉयलर्स निरीक्षण से जुड़े संसदीय कार्य सौंपे गए हैं. राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम गृह, गोपालन, पशुपालन एवं डेयरी तथा मत्स्य विभागों से जुड़े संसदीय कार्य संभालेंगे.
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