रणथंभौर का वीडियो वायरल होने पर एक्शन, 1100 रुपये का जुर्माना, सरकारी अधिकारी से जुड़ा है मामला

वन महकमे ने ड्रोन उड़ाने वाले पर 1100 रुपए का जुर्माना लगाया और सोशल मीडिया से वीडियो एवं फोटो भी डिलीट करवाने की कार्रवाई की.

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रणथंभौर के कोर एरिया में निजी ड्रोन उड़ाने पर एक्शन.

सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर टाइगर रिजर्व के संवेदनशील कोर क्षेत्र स्थित अमरेश्वर महादेव मंदिर में निजी ड्रोन उड़ाने का मामला सामने आया है. सावन के महीने में अमरेश्वर महादेव मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा हुआ है. ऐसे में कोर क्षेत्र में निजी ड्रोन उड़ाने की घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. जानकारी मिलते ही हरकत में आए वन महकमे ने ड्रोन उड़ाने वाले पर 1100 रुपए का जुर्माना लगाया और सोशल मीडिया से वीडियो एवं फोटो भी डिलीट करवाने की कार्रवाई की.

2 अगस्त का है मामला

जानकारी के अनुसार, 2 अगस्त को एक सरकारी अधिकारी उनके दोस्तों के साथ अमरेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे और रणथंभौर नेशनल पार्क के कोर एरिया का वीडियो रिकॉर्ड किया. रणथंभौर के निषेध क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने के लिए वन विभाग या संबंधित प्राधिकरण से किसी प्रकार की अनुमति नहीं ली गई थी. मौके पर मौजूद कई श्रद्धालुओं ने ड्रोन को उड़ते हुए देखा था. वीडियो 2 अगस्त को सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया. इसके करीब 17 घंटे बाद रणथंभौर वन विभाग के कर्मचारियों को इसकी जानकारी मिली. इसके बाद अधिकारियों ने आईआरएस अधिकारी से संपर्क किया, जिसके बाद वीडियो 3 अगस्त सुबह 8 बजे सोशल मीडिया से हटा दिया गया. 

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सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

आईआरएस सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय और चर्चित माने जाते हैं, जिससे यह मामला और अधिक चर्चा का विषय बन गया है. स्थानीय वन महकमे के अधिकारियों ने सोशल मीडिया पर अपलोड करने वाले व्यक्ति से संपर्क किया और ड्रोन से खींचे गए फोटो-वीडियो डिलीट करवाए.  

विभाग पर भी हुए सवाल 

मामले में सवाल खड़े हुए हैं कि अगर ऐसा किसी स्थानीय व्यक्ति द्वारा किया जाता तो वह अब तक सलाखों के पीछे होता और उसे विभिन्न धाराओं में मामला भी झेलना पड़ता. रणथंभौर के डीएफओ मानस सिंह का कहना है कि रणथंभौर के अमरेश्वर महादेव वन क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने का मामला सामने आया था. जानकारी मिलते ही सोशल मीडियो से फोटो एंव वी​डियो हटवाए गए और संबंधित पर 11 रुपए का जुर्माना लगाया गया है.

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