राजस्थान में लंबे समय से अटके पंचायती राज और नगरीय निकाय चुनावों को लेकर ओबीसी आयोग ने रिपोर्ट सौंप दी है. मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सौंपी गई रिपोर्ट के बाद अब पंचायत और निकाय चुनावों से के लिए ओबीसी आरक्षण तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. राजस्थान हाईकोर्ट में पेश किए गए रोडमैप के अनुसार, आयोग की रिपोर्ट के आधार पर नगरीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में ओबीसी आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा. इसके बाद आरक्षित सीटों के लिए लॉटरी निकाली जाएगी. सरकार ने यह प्रक्रिया 14 अगस्त तक पूरी करने का लक्ष्य रखा है.
पहले रिपोर्ट का अध्ययन, फिर तय होगा OBC आरक्षण
ओबीसी आयोग की रिपोर्ट मिलने के बाद अब सरकार इसमें शामिल आंकड़ों और सिफारिशों का अध्ययन करेगी. इसके आधार पर स्वायत्त शासन विभाग और पंचायती राज विभाग चुनावी सीटों पर ओबीसी आरक्षण तय करेंगे. आरक्षण तय होने के बाद नगर निकायों के वार्डों और पंचायतों में विभिन्न पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी. इसमें पार्षद, सरपंच और अन्य निर्वाचित पदों के लिए आरक्षित सीटों का निर्धारण किया जाएगा. आरक्षण प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी कर सकता है.
निकाय चुनाव की घोषणा 17 अगस्त को होने की संभावना
हाईकोर्ट में सरकार की ओर से पेश किए गए प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, नगरीय निकाय चुनाव की घोषणा 17 अगस्त 2026 को की जा सकती है. इसके बाद चुनाव की अधिसूचना जारी होने के साथ नामांकन, जांच और चुनाव प्रचार की प्रक्रिया शुरू होगी.
प्रस्तावित कार्यक्रम के मुताबिक, नगर निकायों में पार्षद पदों के लिए सितंबर के पहले सप्ताह में मतदान कराया जा सकता है. 6 और 9 सितंबर को मतदान की संभावना जताई गई है. इसके बाद अध्यक्ष और महापौर के चुनाव की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है. हालांकि, अंतिम चुनाव कार्यक्रम राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना जारी होने के बाद ही तय माना जाएगा.
23 सितंबर को पंचायत चुनाव की घोषणा का प्रस्ताव
राजस्थान हाईकोर्ट के निर्देशों के अनुसार राज्य सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग को 15 नवंबर 2026 से पहले पंचायत और नगरीय निकाय चुनावों की पूरी प्रक्रिया संपन्न करनी है. आने वाले दिनों में सरकार रिपोर्ट पर निर्णय लेने के बाद आरक्षण की लॉटरी का कार्यक्रम जारी कर सकती है.
पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के लिए 23 सितंबर 2026 को चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने का प्रस्ताव है. इसके बाद पंच, सरपंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव कराए जाएंगे. प्रस्तावित रोडमैप के अनुसार, पंचायत चुनाव अक्टूबर से शुरू होकर 5 नवंबर तक चार चरणों में पूरे किए जा सकते हैं. पंचायत चुनाव की तारीखों और चरणों की अंतिम घोषणा राज्य निर्वाचन आयोग करेगा.
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