Rajasthan Politics: बच्चे 80 में से 40 नंबर नहीं लाए तो मास्टरसाहब को फेल कर देगी राजस्थान सरकार, शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने किया ऐलान

Madan Dilawar Minister: मदन दिलावर शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ के दौरे पर गए थे. वहीं पर उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान यह बयान दिया.

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मदन दिलावर.
Twitter@madandilawar

Rajasthan News: राजस्थान के स्कूली शिक्षा मंत्री मदन दिलावर (Madan Dilawar) का एक वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया वायरल हो रहा है. इस वीडियो में वे उन नवाचार के बारे में मीडिया को बता रहे हैं जो हाल ही में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में किए गए हैं. बीजेपी मंत्री का कहना है कि इन फैसलों से बच्चों की पढ़ाई अच्छी हुई है. बच्चों के एग्जाम रिजल्ट में भी इसका असर देखने को मिलेगा. अगर ऐसा नहीं हुआ तो मास्टरसाहब को फेल कर दिया जाएगा.

'अभी कोई नवाचार नहीं करेंगे'

मदन दिलावर शुक्रवार को चित्तौड़गढ़ के दौरे पर गए थे. इसी दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, 'राजस्थान के सरकारी स्कूलों में हम अभी कोई नवाचार नहीं करना चाहते हैं. सरकार की तरफ से जो अभी तक आदेश/निर्देश दिए हैं, उन्हें व्यवस्था का हिस्सा बनाना हमारी पहली कोशिश है. ताकि उसका परिणाम हम सबके सामने आ सके. यह काम पूरा होने के बाद ही नए नवाचार किए जाएंगे.'

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'क्लास में मोबाइल नहीं ले जाएंगे शिक्षक' 

शिक्षा मंत्री ने बताया, 'राजस्थान के सभी सरकारी स्कूलों के लिए हमने निर्देश जारी किए हैं कि कोई भी टीचर अब क्लास में मोबाइल नहीं ले जा सकेगा. स्कूल में पढ़ाई के दौरान शिक्षक को अपना मोबाइल स्टाफ रूम के लॉकर में स्विच ऑफ करके रखना होगा, जो स्कूल खत्म होने के बाद ही वापस मिलेगा. पहले क्लास में मोबाइल की घंटी बजने से बच्चे और मास्टर दोनों डिस्टर्ब होते थे, लेकिन अब ऐसा नहीं होगा.'

'नमाज या पूजा के लिए स्कूल से छुट्टी नहीं'

मंत्री दिलावर ने आगे बताया, 'पहले बच्चे स्कूल के दौरान की धार्मिक पूजा पाठ या नमाज के लिए चले जाते थे, जो सही नहीं था. इसीलिए हमने इस पर रोक लगा दी है. पूजा पाठ के लिए अब स्कूल से कोई छूट या छुट्टी नहीं मिलेगी. बच्चों को स्कूल खत्म होने के बाद ही परिसर से बाहर जाने की अनुमति दी जाएगी.'

'बच्चों अच्छे नंबर लाए तो पास होंगे मास्टरसाहब'

मदन दिलावर ने कहा, 'बच्चों के एग्जाम पेपर 100 नंबर का आता है. इसमें से 20 नंबर प्रैक्टिकल के होते हैं, और 80 नंबर की लिखित परीक्षा होती है. नियम के अनुसार, 100 में से 33 नंबर लाने पर बच्चा परीक्षा पास कर लेता है. सामान्य तौर पर हम बच्चे को प्रैक्टिल में 20 में से 20 नंबर देते हैं. ऐसे में अगर रिटेन एग्जाम में वो 80 में से सिर्फ 13 नंबर ले आता है तो वो पास हो जाता है. लेकिन इन नवाचारों के चलते हमने टीचर्स को आदेश दिया है कि बच्चों के लिखित एग्जाम में कम से कम 50 प्रतिशत नंबर आने चाहिएं. अगर बच्चे 80 में से 40 नंबर नहीं लाते हैं, तो बच्चे पास हो जाएंगे, लेकिन मास्टरसाहब को फेल कर दिया जाएगा.'

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