सावन के महीने में मानसून की कमजोर स्थिति का असर कोटा बैराज पर साफ दिखाई दे रहा है। 42% कम बारिश के चलते इस साल अब तक कोटा बैराज का एक भी गेट नहीं खोला गया है। चंबल नदी के बांधों में पानी की आवक कम होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है और खरीफ फसलों पर असर की आशंका जताई जा रही है।