बारिश का मौसम आते ही राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा क्षेत्र में स्कूली बच्चों की मुश्किलें बढ़ गई हैं. फैजपुरा-पीपलू सरहद से तेलनी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय जाने वाले बच्चों को हर बरसात में जान जोखिम में डालकर बेथली नदी के नाले को पार करना पड़ता है, जो तस्वीरों में साफ दिख रहा है कि बच्चे तेज बहाव वाले पानी के बीच से स्कूल जाने को मजबूर हैं. ग्रामीणों और अभिभावकों का कहना है कि कई बार शिकायत और ज्ञापन देने के बावजूद समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो रहा.
उफान पर बरसाती नाले
फैजपुरा-पीपलू सरहद गांव से तेलनी स्कूल की दूरी करीब एक किलोमीटर है, लेकिन बारिश के दिनों में यही दूरी बच्चों के लिए खतरे का रास्ता बन जाती है. रास्ते में बरसाती नाला उफान पर आ जाता है, ऐसे में छात्र-छात्राओं को पानी पार करके स्कूल पहुंचना पड़ता है. अभिभावकों को हर दिन बच्चों की सुरक्षा की चिंता सताती रहती है.
पुलिया बनाने की कर रहे मांग
ग्रामीणों के मुताबिक, जून-जुलाई में दो बार प्रशासन को ज्ञापन दिया गया था. इसके बाद PWD के JEN ने मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की, लेकिन धरातल पर अब तक काम शुरू नहीं हुआ. ग्रामीणों का कहना है कि करीब एक किलोमीटर सड़क और नाले पर पुलिया का निर्माण उनकी लंबे समय से मांग है.
जान जोखिम में डालकर नाला पार करते हैं
तेलनी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में करीब 400 विद्यार्थी पढ़ते हैं, इनमें 100 से ज्यादा छात्र-छात्राएं रोजाना इसी रास्ते से स्कूल पहुंचते हैं. बारिश बढ़ने पर नालों का बहाव और तेज हो जाता है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
ग्रामीणों की मांग है कि स्थाई सड़क और पुलिया बनने में अगर समय लग रहा है तो प्रशासन फिलहाल पाइप, मुरम और अस्थाई रास्ते की व्यवस्था करें, जिससे बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी सुरक्षा भी सुनिश्चित हो सके. सवाल यही है कि जब खतरा सामने दिखाई दे रहा है, तो प्रशासन स्थाई समाधान का इंतजार क्यों कर रहा है?
(अर्जुन अरविंंद की रिपोर्ट)
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