राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को बीकानेर में ‘विकसित राजस्थान-2047' युवा संवाद कार्यक्रम को संबोधित किया है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्थान की युवा शक्ति के विचार, नवाचार, कौशल और उद्यमिता ही विकसित राजस्थान-2047 की मजबूत नींव हैं. राज्य सरकार युवाओं को प्रतिभा दिखाने के लिए जरूरी संसाधन, सहयोग और अनुकूल माहौल उपलब्ध करा रही है. कृषि, स्वास्थ्य, जल संरक्षण और जनसेवा जैसे क्षेत्रों की समस्याओं के तकनीक आधारित समाधान तैयार करने के लिए युवाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है.
राजस्थान युवा नीति लाई गई
सरकार का लक्ष्य राजस्थान के युवाओं को रोजगार मांगने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाना है. इसके लिए राजस्थान युवा नीति सहित 36 नीतियां लाई गई हैं. स्टार्टअप और स्वरोजगार को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जा रहा है. सीएम भजनलाल ने कहा कि स्थानीय उत्पादों की प्रोसेसिंग के लिए इकाइयां स्थापित होने से युवाओं को रोजगार मिलेगा और राजस्थान के स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान भी मिल सकेगी.

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत में अटल ज्ञान केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं. इन केंद्रों पर लाइब्रेरी, ई-लाइब्रेरी और ई-मित्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी.
70 हजार नई भर्तियों की तैयारी
4 लाख युवाओं के लिए सृजित किए रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि निजी क्षेत्र में भी करीब 4 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित किए गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर युवाओं के लिए निशुल्क ऑनलाइन कोचिंग और एक करोड़ युवाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता का प्रशिक्षण देने की घोषणा की है. इसके साथ ही ओलंपिक में भारत के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर खेल प्रतिभाओं की खोज की जाएगी.
आज बीकानेर में ‘युवा संवाद : विकसित राजस्थान @ 2047' के माध्यम से प्रदेश के युवा साथियों से आत्मीय संवाद किया। उनके सपनों, विचारों और सुझावों को सुनना राजस्थान के उज्ज्वल भविष्य की तस्वीर को और करीब से देखने जैसा अनुभव रहा।
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) August 15, 2026
युवाओं के सपनों में नए राजस्थान की उड़ान है और उनके… pic.twitter.com/qCKqNGCsJl
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने अलग-अलग क्षेत्रों से आए युवाओं से संवाद किया. युवाओं ने अपने अनुभव साझा करने के साथ-साथ सरकार के सामने अपने सुझाव भी रखे. इस दौरान मुख्यमंत्री ने बीकानेर जिले में स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली, कृषि और प्रशासनिक बुनियादी ढांचे से जुड़े लगभग 807 करोड़ रुपए के 90 विकास कार्यों की घोषणा की. जिनमें 105 करोड़ रुपए की सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में एमडीआर पालना-खाजूवाला, भुरसर-बल्लर और पूगल-माकेरी सड़कों का चौड़ीकरण और नवीनीकरण शामिल है.
श्रीडूंगरगढ़ में ट्रांमा सेंटर बनाने की घोषणा
इसके अलावा प्रमुख घोषणाओं में लूनकरनसर में एक नए मिनी सचिवालय की स्थापना शामिल थी, जिसका मकसद प्रशासनिक सेवाओं को एक ही छत के नीचे लाना है. राज्य सरकार ने श्रीडूंगरगढ़ में 25 करोड़ रुपए की लागत से एक उप-जिला अस्पताल और आधुनिक ट्रॉमा सेंटर बनाने की भी घोषणा की. बीकानेर शहर के लिए मुख्यमंत्री ने ट्रैफिक जाम की समस्या को कम करने के लिए म्यूजियम सर्कल पर एक नए ओवरब्रिज की घोषणा की. मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक, गजसुखदेसर, बागसेऊ, लिलका, रताडिया, बिडासरिया, जखासर नया, रानेर और मिठाडिया में लगभग 4.5 करोड़ रुपए की कुल लागत से सब-हेल्थ सेंटर की बिल्डिंग भी बनाई जाएंगी.
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