पंचायत-निकाय चुनाव में OBC आरक्षण पर आयोग सौंपेगा रिपोर्ट, 2500 सरपंच और 1750 पार्षद सीटें हो सकती हैं आरक्षित

प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनाव तय समय पर नहीं हो सके. राज्य सरकार ने अदालतों में इसकी वजह आयोग की रिपोर्ट का इंतजार बताया था. अब रिपोर्ट सौंपे जाने के साथ ही चुनाव कराए जाने का रास्ता साफ हो गया है. 

विज्ञापन
Read Time: 3 mins
फाइल फोटो.

प्रदेश में निकाय और पंचायत चुनावों के लिए OBC आरक्षण को लेकर गठित OBC राजनीतिक प्रतिनिधित्व आयोग बुधवार को अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगा. इसी रिपोर्ट के आधार पर OBC के लिए सीटों का आरक्षण तय होगा और जिलेवार लॉटरी प्रक्रिया पूरी की जाएगी. सरकार ने यह पूरी कवायद 15 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है.

OBC की अनुमानित आबादी 3.80 करोड़

आयोग ने प्रदेश में OBC की अनुमानित आबादी 3.80 करोड़ मानी है, जो कुल आबादी का 45% से अधिक है. जानकारी के मुताबिक, आयोग ने OBC जनसंख्या के आधार पर करीब 2500 सरपंच पदों और लगभग 1750 पार्षद सीटों को आरक्षित करने का प्रस्ताव तैयार किया है. प्रधान पदों के लिए 75 से 80 सीटें आरक्षित किए जाने की संभावना है.  

Advertisement

प्रदेश में 14,403 ग्राम पंचायतें और 309 नगरीय निकायों में कुल 10,245 वार्ड हैं. इनमें से लगभग 1750 वार्डों को OBC के लिए आरक्षित किए जाने का प्रस्ताव है. नगरीय निकाय चुनाव 6 और 9 सितंबर को कराने का प्रस्ताव है, जबकि पंचायत चुनाव 13 अक्टूबर से चरणबद्ध तरीके से होंगे. 

40% सीटों पर OBC उम्मीदवार जीते थे

आयोग के अध्ययन के अनुसार, पिछले चुनावों में करीब 40 प्रतिशत सीटों पर OBC उम्मीदवार जीते थे.  हालांकि कुछ बड़े निकायों में यह आंकड़ा 32 से 33 प्रतिशत तक सीमित रहा. इसका एक प्रमुख कारण यह रहा कि सामान्य वर्ग की सीटों पर भी बड़ी संख्या में OBC उम्मीदवार जीतते रहे हैं. 

OBC आरक्षण 21% से अधिक होने की संभावना कम

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के आधार पर आयोग ने यह भी माना है कि जिन क्षेत्रों में एससी-एसटी आबादी अधिक है, वहां OBC आरक्षण 21% से कम रह सकता है. मेवाड़ और पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में ऐसे हालात देखने को मिलेंगे. हालांकि, यह स्थिति पहले भी चुनावों में रही है. सूत्रों के अनुसार, आयोग ने कुल आरक्षण सीमा 50% से अधिक बढ़ाने की सिफारिश नहीं की है. ऐसे में OBC आरक्षण 21 प्रतिशत से अधिक होने की संभावना कम है. 

आयोग का कार्यकाल 3 बार बढ़ाया गया

OBC आयोग का गठन 9 मई 2025 को किया गया था, और इसकी रिपोर्ट का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था. आयोग का कार्यकाल 3 बार बढ़ाया गया. पहले दिसंबर 2025 तक, फिर 31 मार्च 2026 तक और उसके बाद 30 सितंबर 2026 तक.  आयोग ने अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए दो सप्ताह का व्यापक सर्वे कराया, जिसमें 51 हजार कार्मिकों ने भाग लिया. 

Advertisement

यह प्रदेश में पहला मौका होगा जब OBC प्रतिनिधित्व आयोग की रिपोर्ट के आधार पर स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में आरक्षण तय किया जाएगा.  साथ ही पहली बार OBC की अनुमानित जनसंख्या का आंकड़ा भी आधिकारिक रूप से रिपोर्ट में शामिल किया गया है. 

यह भी पढ़ें: राजस्‍थान में झमाझम बार‍िश, सड़कों पर भरा पानी; निचली कॉलोनियों में बढ़ी परेशानी

Topics mentioned in this article