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This Article is From Mar 10, 2025

RPSC फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट पर लगाएगी लगाम, अब नए तरीके से होगा वेरिफिकेशन

भर्ती परीक्षाओं में वेरिफिकेशन के दौरान उम्मीदवार फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट लेकर पहुंचते हैं. अब इन फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए RPSC अब नया तरीका अपनाने जा रही है.

RPSC फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट पर लगाएगी लगाम, अब नए तरीके से होगा वेरिफिकेशन

RPSC: हाल में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा आयोजित भर्तियों में काफी संख्या में फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट वाले अभ्यर्थियों को पकड़ा गया है. SI भर्ती, PTI परीक्षा और अन्य परीक्षाओं में वेरिफिकेशन के दौरान उम्मीदवार फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट लेकर पहुंचते हैं. अब इन फर्जी डिग्री और सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए RPSC अब नया तरीका अपनाने जा रही है. राजस्थान लोक सेवा आयोग द्वारा अब डिग्रियों व अंकतालिकाओं, अन्य दस्तावेजों का सत्यापन नेशनल एकेडमिक डिपॉजिटरी में संधारित डेटा को डिजी लॉकर के माध्यम से एक्सेस कर भी किया जा सकेगा. इस संबंध में राष्ट्रीय इ-गवर्नेंस प्रभाग इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार के अध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी की पहल पर उनकी टीम द्वारा 25 फरवरी 2025 को एक कार्यशाला का आयोजन किया गया था.

आयोग सचिव ने बताया कि राष्ट्रीय इ-गवर्नेंस प्रभाग इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा डिजी लॉकर को आयोग की भर्ती प्रक्रियाओं में उपयोग लिए जाने हेतु अनुरोध किया गया था. इस क्रम में डिजी लॉकर प्लेटफार्म का इलेक्ट्रॉनिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अधिकारी द्वारा तकनीकी प्रेजेंटेशन आयोग के अधिकारियों के समक्ष किया गया था. इसमें डिजी लॉकर के उपयोग एवं उपलब्ध ऑनलाईन आधारित दस्तावेजों के बारे में जानकारी दी गई.

कैसे होगा वेरिफिकेशन

डिजी लॉकर पर आधार, 10वीं/12वीं/ग्रेजुएशन इत्यादि की अंकतालिका स्व-प्रमाणीकरण के द्वारा उपलब्ध हो जाती है. इसमें दस्तावेज जिस अथॉरिटी (प्राधिकारी) द्वारा जारी किया गया है. वहीं से प्रमाणित होकर डिजी लॉकर में उपलब्ध होता है. ऐसे में उस दस्तावेज को पुनः सत्यापित किये जाने की आवश्यकता नहीं रहती है एवं दस्तावेज सत्यापन में समय भी कम लगता है. इलेक्ट्रानिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा राजस्थान लोक सेवा आयोग को भी डिजीलॉकर के लिए ऑनबोर्ड किया गया है. यह भारत सरकार का एप्लीकेशन है जो कि पूर्णतया सुरक्षित एवं संरक्षित है.

भर्ती प्रक्रिया को गति देने के लिए जरूरी है डिजी लॉकर अकाउंट

दस्तावेज सत्यापन की यह प्रक्रिया फर्जी डिग्री व प्रमाण-पत्रों पर लगाम लगाने में भी प्रभावी सिद्ध हो सकेगी. इसके माध्यम से अभ्यर्थी की सही पहचान तथा दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर रहने वाले संशय को भी दूर किया जा सकेगा, जिससे पात्र अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित होने में मदद मिलेगी. इसके अतिरिक्त अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन ऑनलाईन स्वतः प्रमाणीकरण के आधार पर उपलब्ध होने से इस प्रक्रिया में लगने वाले अनावश्यक समय में कमी होगी एवं भर्ती प्रक्रिया त्वरित गति से पूर्ण की जा सकेगी. निकट भविष्य में अभ्यर्थियों की वन टाइम रजिस्ट्रेशन संबंधी एप्लीकेशन आईडी/एडमिट कार्ड इत्यादि से संबंधित सूचनायें भी डिजी लॉकर से इंटीग्रेट कर सुगमता से उपलब्ध करवाई जा सकेंगी.

डिजी लॉकर की उपयोगिता के दृष्टिगत भर्ती परीक्षाओं हेतु आवेदन करने वाले समस्त अभ्यर्थियों को डिजी लॉकर पर अकाउंट अवश्य बनाना चाहिए. इसके बाद अपने अकाउंट में स्वयं के दस्तावेज यथा- 10वीं/12वीं/ग्रेजुएशन/पोस्ट ग्रेजुएशन की अंकतालिका को ऑनलाइन ही फेच करावें. एक बार फेच होने के उपरांत यह दस्तावेज अभ्यर्थी के डिजी लॉकर में संधारित रहेंगे, जिनका उपयोग अभ्यर्थी द्वारा भी आवश्यकता पड़ने पर आसानी से किया जा सकेगा.

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