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This Article is From Jan 19, 2026

SI भर्ती के मुख्य आरोपी को भी जमानत मिली, आज शाम तक जेल से बाहर आ सकता है जगदीश विश्नोई

अदालत ने माना कि इतने बड़े मामले के शीघ्र निस्तारण की संभावना नहीं है और अभियुक्त को अनिश्चितकाल तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता.

SI भर्ती के मुख्य आरोपी को भी जमानत मिली, आज शाम तक जेल से बाहर आ सकता है जगदीश विश्नोई

SI Exam Paper leak case: राजस्थान हाईकोर्ट ने पेपर लीक मामले में पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती-2021 (SI Exam) परीक्षा के मुख्य आरोपी जगदीश विश्नोई को जमानत मिल गई. जस्टिस चंद्रप्रकाश श्रीमाली की एकलपीठ ने यह आदेश सुनाते हुए समेता कुमारी और प्रवीण कुमार खराड़ी को भी जमानत दे दी. बिश्नोई के एडवोकेट प्रिंसिपल सिंह ने बताया कि आदेश आने के बाद शाम तक जगदीश जेल से बाहर आ सकता है. इस प्रकरण में सूत्रधार राजेश खंडेलवाल को सुप्रीम कोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है. इसी आधार पर हाईकोर्ट ने विश्नोई को जमानत दी. याचिकाकर्ताओं जगदीश विश्नोई और अन्य की ओर से एडवोकेट सुधीर जैन और प्रिंसिपल सिंह ने पैरवी की. अदालत ने अपने आदेश में कहा कि प्रकरण में कुल 133 अभियुक्त हैं और 150 गवाह हैं. अब तक 57 अभियुक्तों को जमानत मिल चुकी है. आरोपी लगभग 1 वर्ष 10 माह से न्यायिक हिरासत में है, जबकि अभी तक आरोप तय नहीं हुए हैं. 

कोर्ट ने कहा- आरोपी के खिलाफ 12 मामले लंबित  

कोर्ट ने कहा कि आरोपी के खिलाफ 12 मामले लंबित बताए गए हैं. इनमें से 7 में उसे जमानत मिल चुकी है और 5 में वह दोषमुक्त हो चुका हैं. वहीं, अभियोजन की ओर से आरोपों की गंभीरता, बरामद डायरी और हस्तलेख रिपोर्ट का हवाला देते हुए जमानत का विरोध किया गया. लेकिन न्यायालय ने कहा कि आरोपी के विरुद्ध लगाए गए अपराधों में अधिकतम सजा 3 वर्ष तक की है, जिसका अधिकांश समय वह हिरासत में बिता चुका है.

समानता के सिद्धांत का दिया हवाला

अदालत ने माना कि इतने बड़े मामले के शीघ्र निस्तारण की संभावना नहीं है और अभियुक्त को अनिश्चितकाल तक हिरासत में नहीं रखा जा सकता. अदालत ने आदेश में यह भी कहा कि पेपर लीक का कथित रूप से मुख्य सूत्रधार राजेश खंडेलवाल को पहले ही सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. साथ ही इसी एफआईआर से जुड़े अन्य सह-आरोपियों को भी शीर्ष अदालत से राहत मिल चुकी है, जिससे समानता का सिद्धांत लागू होता है.

1 लाख के मुचलके पर आरोपी रिहा

हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व निर्णयों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि केवल अन्य आपराधिक मामलों के लंबित होने के आधार पर जमानत से इनकार नहीं किया जा सकता. ऐसे में न्यायालय ने एक लाख रुपए के निजी मुचलके और 50-50 हजार रुपए की दो जमानतों पर जगदीश विश्नोई को रिहा करने का आदेश दिया.

साल 2007 की भर्ती परीक्षा में भी गड़बड़ी का आरोप

बता दें कि जगदीश विश्नोई सांचौर जिले के दाता का रहने वाला है. उसने खुद 2005 में बीएड की फर्जी डिग्री खरीदी थी. इसके बाद 2007 में पेपर लीक करके थर्ड ग्रेड का टीचर बन गया था. इससे पहल उसका नाम सबसे पहले कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा-2007 में नकल प्रकरण में भी सामने आया था. 

11 महीने पहले अन्य प्रकरण में मिली थी जमानत

जयपुर से कई गिरोहों तक पेपर पहुंचाने वाले यूनिक भांभू और जगदीश विश्नोई पिछले साल 14-15 सितंबर को विदेश फरार हो गए थे. दोनों आरोपियों पर 1 लाख रुपए का इनाम घोषित हुआ था. आरोपी जगदीश विश्नोई JEN भर्ती 2020 के पेपर लीक मामले में भी आरोपी है. करीब 11 महीने पहले उसे हाइकोर्ट से इस मामले में जमानत मिली थी. 

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