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This Article is From Aug 12, 2025

SI पेपर लीक में बड़ा कबूलनामा, गहलोत के पूर्व PSO ने 5 लाख में खरीदा, 7.50 लाख में बेचा

SOG Jaipur News: हेड कांस्टेबल राजकुमार यादव व उनके बेटे भरत यादव काे शुक्रवार काे गिरफ्तार किया गया था. दाेनाें 12 अगस्त तक रिमांड पर हैं.

SI पेपर लीक में बड़ा कबूलनामा, गहलोत के पूर्व PSO ने 5 लाख में खरीदा, 7.50 लाख में बेचा
राजस्थान की सबसे बड़ी पेपर लीक: हेड कांस्टेबल ने 5 लाख में खरीदा था SI का पेपर.
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2021 के पेपर लीक (SI Paper Leak) मामले में सोमवार देर शाम बड़ा खुलासा किया. 9 अगस्त को गिरफ्तार किए गए हेड कांस्टेबल राजकुमार यादव और उसके बेटे भरत यादव ने रिमांड के दौरान पूछताछ में बताया कि उसने यह पेपर उदयपुर निवासी कुंदन पंड्या से 5 लाख रुपये में खरीदा था. कुंदन से उसका संपर्क 2008 से था, जब राजकुमार तत्कालीन मंत्री महेंद्रजीत मालवीय के PSO थे और कुंदन मंत्री के क्षेत्र में लाइजनिंग का काम करता था. इस पुराने रिश्ते का फायदा उठाकर कुंदन ने राजकुमार को SI भर्ती परीक्षा का लीक हुआ प्रश्न पत्र उपलब्ध कराया था.

7.50 लाख रुपये में पेपर आगे बेचा

राजकुमार ने सिर्फ अपने बेटे भरत यादव को SI बनाने के लिए ही यह पेपर नहीं खरीदा, बल्कि इसे बेचने का भी काम शुरू कर दिया. उसने अपने कांस्टेबल साथी सत्येंद्र सिंह यादव और पड़ोसी रविंद्र सैनी को यही पेपर 7.50 लाख रुपये में बेच दिया. इस तरह, उसने एक ही पेपर बेचकर 2.50 लाख रुपये का सीधा मुनाफा कमाया. राजकुमार की इस तिकड़म के चलते, उसके बेटे भरत ने लिखित परीक्षा तो पास कर ली, लेकिन वह शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Test) में फेल हो गया. वहीं, जिन दो लोगों को उसने पेपर बेचा था, वे दोनों SI बन गए.

सत्येंद्र सिंह यादव को मेरिट में मिली 12वीं रैंक

सत्येंद्र सिंह यादव ने मेरिट में 12वीं रैंक और रविंद्र सैनी ने 156वीं रैंक हासिल कर अवैध तरीके से नौकरी पाई. सत्येंद्र को तो SOG ने पहले ही गिरफ्तार कर लिया था और उसी से पूछताछ के बाद राजकुमार का नाम सामने आया. रविंद्र सैनी अभी भी फरार है, जिसकी तलाश में SOG ने टीमें लगाई हुई हैं. यह मामला दिखाता है कि कैसे एक ही पेपर कई हाथों से होते हुए, लाखों रुपये में बिका और इसकी वजह से कई योग्य युवाओं की मेहनत बेकार गई. इस पेपर लीक मामले में अब तक 54 सब-इंस्पेक्टर सहित कुल 120 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. SOG की यह कार्रवाई बताती है कि इस मामले में अभी और भी कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं. 

पूर्व मुख्यमंत्री का बयान: 'कानून अपना काम करे'

यह मामला सिर्फ पेपर खरीदने-बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके तार पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मंत्री महेंद्रजीत मालवीय तक भी जुड़ रहे हैं. क्योंकि गिरफ्तार हेड कांस्टेबल राजकुमार यादव पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सुरक्षा में भी तैनात रह चुके हैं. इस गिरफ्तारी के बाद गहलोत ने 'X' पर पोस्ट करते हुए कहा कि, 'मीडिया के माध्यम से जानकारी में आया है कि मेरी सुरक्षा में तैनात जयपुर पुलिस लाइन के एक हेड कांस्टेबल एवं उनके पुत्र को एसओजी ने हिरासत में लिया है. किसी भी व्यक्ति की अपराध में कोई संलिप्तता हो तो कानून अपना काम करे और उन्हें उम्मीद है कि SOG बिना किसी दबाव के इस मामले की जांच कर तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचेगी.'

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