डूंगरपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत डूंगरपुर शहर में शिक्षिका ने सुसाइड कर लिया. उसकी लाश फंदे से लटक रही थी. वह निजी संस्थान में टीचर थी और प्रताप नगर में किराए के घर में रहती थी. साड़ी के फंदे पर किचन में झूल गई. आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
किराए के कमरे में रहती थी
कोतवाली थाने के एसआई भंवर सिंह ने बताया कि बेगूं चित्तौड़गढ़ निवासी हाल डूंगरपुर शहर निवासी गौतम कटारा ने रिपोर्ट दी है. रिपोर्ट में बताया कि उनकी पत्नी निकिता शर्मा डूंगरपुर स्थित 'तपस संस्थान' में अध्यापिका के पद पर कार्यरत थीं, और दोनों यहां शहर के प्रताप नगर में किराए का कमरा लेकर रहते थे.
13 अगस्त को गांव चला गया था पति
पति गौतम कटारा 13 अगस्त को जमीन से जुड़े काम के सिलसिले में अपने गांव चनोरा गए थे. 17 अगस्त को शाम लगभग 6:30 बजे जब उन्होंने अपनी पत्नी निकिता को फोन किया, तो उसने कॉल नहीं उठाया. लगातार फोन न उठने पर गौतम ने डूंगरपुर में ही मौजूद विजय चतुर्वेदी को फोन कर स्थिति का पता लगाने को कहा.
दरवाजा अंदर से बंद था
विजय चतुर्वेदी कमरे पर पहुंचे तो मुख्य दरवाजा अंदर से बंद था. शक होने पर जब उन्होंने खिड़की से अंदर झांककर देखा, तो रसोई में हुक से बंधी साड़ी का फंदा बनाकर निकिता फांसी पर लटकी हुई थी. विजय ने तुरंत इसकी सूचना गौतम और परिजनों को दी, जिसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया.
पुलिस ने शव को नीचे उतारा
मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खोलकर शव को नीचे उतारा,और डूंगरपुर के जनरल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया, जहां पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौप दिया है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
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