उदयपुर एसीबी ने सविना कृषि उपज मंडी के कर्मचारी को ट्रैप किया. कृषि मंडी के कार्मिक मनोहर लाल को 24 हजार रुपए रिश्वत लेते गिरफ्तार किया है. इससे पहले भी वो 65 हजार रुपए की रिश्वत वसूल चुका था और लगातार परिवादी को प्रताड़ित कर रहा था. इसी एवज में रिश्वत की मांग भी कर रहा था. एजेंसी की पड़ताल में सामने आया कि आरोपी ने रिश्वत की वसूली के लिए पूरा सिस्टम बना रखा था और उच्च अधिकारी के नाम पर रिश्वत की डिमांड कर रहा था. रिश्वत नहीं देने वाले व्यापारियों के खिलाफ कार्रवाई की धमकी दी जा रही थी.
व्यापारियों को चालान बनाकर कर रहा था परेशान
एसीबी एसपी अनंत कुमार ने बताया कि परिवादी कलडवास में आटा मिल का संचालन करता है. सविना कृषि उपज मण्डी और अन्य व्यापारियों के माध्यम से गेहूं की खरीद करता है. पिछले 5 महीनों से आरोपी मनोहरलाल परिवादी से जुड़े व्यापारियों के गेहूं से भरे ट्रैक्टरों को रोकता और चैकिंग के नाम पर तत्काल बिल प्रस्तुत करने का दबाव बना रहा था. बिल पेश नहीं करने पर चालान किए जा रहे थे.

एसीबी रिश्वतखोरी के मामले में आरोपी से पूछताछ कर रही है.
सचिव के नाम पर कर रहा था वसूली
परिवादी ने आरोपी से इस संबंध में बात की तो आरोपी ने व्यापारियों के ट्रैक्टरों को चेक नहीं करने की एवज में हर महीने वसूली की मांग कर रहा था. आरोपी ने कृषि उपज मंडी के तत्कालीन सचिव मदन गुर्जर के नाम पर रिश्वत की मांग की.
करीब सालभर की अवधि के लिए मांगी रिश्वत
परिवादी के अनुसार, पहले आरोपी द्वारा अप्रैल-2025 से मार्च- 2026 तक की अवधि के लिए 65 हजार रुपए रिश्वत राशि की मांग कर प्राप्त की जा चुकी थी. इसके बाद जुलाई तक यानी करीब चार महीने की अवधि के लिए भी रिश्वत राशि की मांग की जा रही थी. शिकायत के बाद एसीबी ने सत्यापन किया और एएसपी अनन्त कुमार के निर्देशन में पुलिस निरीक्षक रामसुमेर मीणा और उनकी टीम ने आरोपी को रंगे हाथों ट्रैप किया. अब एसीबी आरोपी से पूछताछ कर रही है.
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