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This Article is From Feb 03, 2026

सिर सांठे रूंख रहे... वसुंधरा राजे का खेजड़ी बचाओ आंदोलन के बीच बड़ा ऐलान

अनशन में शामिल लोगों का कहना है कि महापड़ाव तो कानून बनने के बाद ही उठेगा. महिलाओं ने कहा कि सरकार को कानून बनने तक आदेश जारी कर पेड़ काटने पर रोक लगानी चाहिए.

सिर सांठे रूंख रहे... वसुंधरा राजे का खेजड़ी बचाओ आंदोलन के बीच बड़ा ऐलान
वसुंधरा राजे का खेजड़ी बचाओ आंदोलन को समर्थन

Rajasthan News: राजस्थान में खेजड़ी बचाओ आंदोलन अब और तेज होता जा रहा है. बीकानेर में मंगलवार को बड़ी संख्या में लोग आमरण अनशन पर बैठे गए. बिश्नोई धर्मशाला के सामने चल रहे खेजड़ी बचाओ आंदोलन के दूसरे दिन साधु और संन्यासी अनशन में शामिल हुए. इस बीच राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भी खेजड़ी बचाओ आंदोलन के समर्थन में उतर आई हैं. वसुंधरा ने कहा कि राजनीति से उठकर हमें इसके संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए और इसे बचाना चाहिए. 

खेजड़ी और ओरण बचाने की मुहिम में साथ

पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने एक्स पर लिखा, "सिर साँठे रूंख रहे तो भी सस्तो जाण". उसके आगे उन्होंने कहा कि खेजड़ी साधारण पेड़ नहीं, यह हमारे लिए देववृक्ष है. जो हमारी आस्था और भावनाओं से जुड़ा है. हमारे यहां खेजड़ी की पूजा की जाती है. मैं खुद भी खेजड़ी की पूजा करती हूं, जिसकी हम पूजा करें, उस देवता का संरक्षण हमारा दायित्व है. राजनीति से ऊपर उठकर हमें इसके संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए, मैं खेजड़ी और ओरण (गौचर भूमि) को बचाने की मुहिम में सबके साथ हूं.

आमरण अनशन पर बैठे सैंकड़ों लोग

उधर खेजड़ी संरक्षण को लेकर कानून बनाने की मांग के साथ शुरू हुए महापड़ाव के दूसरे दिन भी भारी संख्या में लोग पहुंचे. महापड़ाव स्थल बिश्नोई धर्मशाला के बाहर सुबह से ही पर्यावरण प्रेमियों का जुटना शुरू हो गया और 363 लोगों ने आमरण अनशन शुरू किया. इनमें बड़ी संख्या में साधु-संत, महिलाएं और पुरुष शामिल हैं. वहीं, महापड़ाव को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं. उच्च अधिकारी पल-पल की जानकारी ले रहे हैं. 

कानून बनने तक जारी रहेगा आंदोलन

सोमवार को तो महापड़ाव के कारण बीकानेर शहर में आने वाले सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को दोपहर इंटरवल के बाद बंद करने का आदेश जारी हुआ था. महापड़ाव के समर्थन में स्थानीय व्यापारिक संगठनों ने बाजार बंद रखने का फैसला किया. महापड़ाव में शामिल लोगों की मांग है कि खेजड़ी वृक्षों की कटाई पर तत्काल रोक लगे और प्रदेश में इसके संरक्षण के लिए सख्त कानून बनाया जाए. अनशन में शामिल हुए महिलाओं ने कहा कि सरकार को कानून बनने तक आदेश जारी कर पेड़ काटने पर रोक लगानी चाहिए. जब सरकार की तरफ से पेड़ों के काटने पर रोक लगाने का आदेश और विधानसभा में कानून बनाने का लिखित भरोसा नहीं मिलता, तब तक अनशन जारी रहेगा. महापड़ाव तो कानून बनने के बाद ही उठेगा.

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