लोहारगल धाम: पितृ दोष मुक्ति का सबसे बड़ा तीर्थ! |Sikar |Pitra Paksh |rajasthan

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  • प्रकाशित: सितम्बर 26, 2026
पितृ पक्ष के दौरान सीकर का प्राचीन लोहारगल धाम श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है, जहां देश भर से लोग अपने पितरों के तर्पण, पिंडदान और अस्थि विसर्जन के लिए पहुंच रहे हैं. अरावली की पहाड़ियों में स्थित लोहारगल के सूर्यकुंड और सात पवित्र जलधाराओं में स्नान कर तर्पण करने से पितरों को मोक्ष मिलने और पितृ दोष दूर होने की धार्मिक मान्यता है. शास्त्रों के अनुसार इसे धरती का प्रथम तीर्थ माना जाता है, जहाँ गया जी और हरिद्वार जाने के बाद भी आना अनिवार्य माना गया है.

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