Navratri First Day: पिता के यज्ञ में अपमान, फिर हिमालय के घर जन्म! Maa Shailputri की कथा!|Rajasthan

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  • प्रकाशित: अक्टूबर 11, 2026
शारदीय नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधिविधान से पूजा की जाती है, और इसी दिन कलश (घट) स्थापना भी होती है. पहले दिन होने की वजह से कलश स्थापना के लिए सबसे ज्यादा भीड़ रहती है, इसलिए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं. मान्यता है कि मां शैलपुत्री की पूजा से जीवन में सुख, समृद्धि और मानसिक शांति आती है, और पौराणिक कथा के अनुसार वे पूर्व जन्म में राजा दक्ष की पुत्री सती थीं, जिन्होंने पिता के यज्ञ में पति शिव का अपमान होने पर देह त्याग दी और फिर हिमालय के घर पुत्री के रूप में जन्म लिया. #maashailputridevi

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