गले में चिट्ठी वाली ताबीज लिए अजमेर पहुंचे कबूतर ने बढ़ाया कौतूहल, पुलिस सुलझा रही पहेली

गले में ताबीज बंधा एक सफेद कबूतर अजमेर पहुंचा है. ताबीज में एक चिट्ठी भी है, जिसमें उर्दू और अरबी में कुछ लिखा है. इस कबूतर को देखकर लोग हैरान है. पुलिस इस पहेली की सुलझाने में जुटी है.

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रहस्यमयी कबूतर और गले पर बंधी चिट्ठी

गले में ताबीज बंधा एक सफेद कबूतर अजमेर में कौतूहल का विषय बना हुआ है. अजमेर के मंगलीयावास पंचायत में गले में ताबीज बंधा एक यह सफेद कबूतर पहुंचा. जिसे देखकर हर कोई हैरान हो गया. कबूतर के गले में बंधे ताबीज में एक चिट्ठी भी है. जिसमें उर्दू-अरबी में कुछ लिखा है, साथ ही एक मस्जिद की तस्वीर है. जिसे देखकर लोगों में उत्सुकता बनी है. कबूतर को देखते ही ग्रामीणों ने मामले की खबर पुलिस को दी. जिसके बाद स्थानीय पुलिस इस जटिल पहेली को सुलझाने में जुटी है. 

दरअसल कबूतर के गले में बंधी सफेद ताबीज़ को देखकर गाँववालों के मन में सवाल उठने लगे कि इस ताबीज़ का मतलब क्या है? कई लोगों का मानना है कि यह ताबीज़ एक रहस्यमय संदेश की निशानी हो सकती है जिसका मतलब अभी तक साफ नहीं हुआ है.

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पुलिस की कार्रवाई:

ग्रामवासियों द्वारा पुलिस को सूचना दिए जाने के बाद मांगलीयावास पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और कबूतर को अपने कब्जे में लेकर थाने ले गई. पुलिस के अनुसार, इस ताबीज़ से जुड़े सवालों का जवाब ढूंढने के लिए उन्होंने जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

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रहस्यमयी संदेश के पीछे की कहानी:

ताबीज़ के साथ आने वाले कबूतर के गले में बंधी चिट्ठी में लिखे गए शब्दों का मतलब अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है. जानकारों का कहना है कि यह चिट्ठी अरबी और उर्दू भाषाओं में लिखी है, जिसका मतलब कुछ ग्रामीणों को अब तक समझ में नहीं आया है. उनका मानना है कि कबूतर के गले में बंदी चिट्ठी में अरबी भाषा में कोई इनायत लिखी हुई है. पुलिस ताबीज में रखी चिट्ठी का मतलब समझने के लिए विशेषज्ञों की सहायता ले रही है.

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ग्रामीणों की राय:

कुछ ग्रामीण तो मजाक में यह भी कह रहे हैं कि यह कबूतर पाकिस्तान से आया हो सकता है. अब जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी कि आखिर ताबीज़ में क्या रहस्य छिपा है और यह कबूतर कहां से आया है. हालांकि, पुलिस अब इस रहस्य की खोज में जुट चुकी है और जल्द ही यह सामने आ सकता है कि कबूतर और ताबीज़ के पीछे छिपे हैं कौन-कौन से रहस्य.

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