BJP नेताओं ने आदिवासी महिला के फर्जी VIDEO के जरिए साधा निशाना तो गहलोत सरकार ने कहा - "बौखलाहट"

बाड़मेर पुलिस अधीक्षक आनंद ने भी इस वीडियो का खंडन करते हुए लिखा कि जिस तरह से सोशल मीडिया पर इस वीडियो को वायरल करके जो घटना बताई जा रही है वह बिल्कुल झूठ है. बाड़मेर जिले में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है.

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मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने कहा कि बीजेपी नेता किसी भी तरह से राजस्थान को बदनाम करने की कोशिश में हैं.
बाड़मेर:

ट्विटर सहित कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मंगलवार को एक आदिवासी महिला के साथ दुष्कर्म कर उसका अर्धनग्न शव फेंकने की घटना बताकर एक वीडियो वायरल किया जा रहा था. इस वीडियो को बीजेपी नेता अमित मालवीय, विक्रम गॉड सहित कई नेताओं ने अपने ट्विटर अकाउंट पर शेयर करते किया था.

वीडियो शेयर करते हुए बीजेपी नेता ने लिखा "बाड़मेर के सेडवा तहसील में एक और जनजातीय महिला निर्वस्र और मृत पायी गई. क्या उसका बलात्कार करके हत्या कर दी गई? लगातार महिलाओं पर हो रही हिंसा, बलात्कार और हत्याओं पर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से कोई सवाल नहीं पूछ रहा. बंगाल में पिछले चार दिन में पाँच महिलाओं को निर्वस्त्र करने के घटनायें सामने आयी हैं, लेकिन कोई ममता बनर्जी का बयान नहीं मांग रहा. क़ानून व्यवस्था राज्य का कार्य क्षेत्र है, शायद इसीलिए विपक्ष सदन में चर्चा से भाग रहा है."

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जांच में वीडियो गलत पाया गया
इस पोस्ट को लेकर हलचल फैल गई, लेकिन अमित मालवीय के ट्वीट के बाद इस मामले की पड़ताल की गई तो पाया कि यह वीडियो 22 जुलाई को प्रेमी के साथ फांसी के फंदे पर लटक कर आत्महत्या करने वाली एक महिला का है. इस घटना में महिला अपने प्रेमी के साथ फांसी के फंदे पर लटकी थी. इस दौरान महिला की मौत हो गई, लेकिन इसका प्रेमी मौके से भाग खड़ा हुआ था.

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इस घटना के बाद परिजनों ने प्रेमी के ऊपर महिला को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने, उसका अपहरण और दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए शव उठाने से इंकार कर दिया था. पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई के आश्वासन के बाद शव उठाने पर सहमति बनी थी.

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मृतका के परिजनों ने वायरल किया था वीडियो
जानकारी के अनुसार, विवाहिता के शव पर 2 दिन मोर्चरी में रहने के चलते कुछ निशान पड़ गए थे. जब महिला का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, उस वक्त किसी ने चिता पर लिटाएं हुए शव का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया.

वीडियो को लेकर मुख्यमंत्री के ओएसडी में किया खंडन
भाजपा नेताओं द्वारा वीडियो को ट्वीट किए जाने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के ओएसडी लोकेश शर्मा ने इस वीडियो का खंडन करते हुए लिखा कि

BJP और उसके तमाम नेता बौखलाहट में आकर #Manipur की सच्चाई को दबाने के लिए #Rajasthan को टार्गेट बनाते हुए प्रदेश को लेकर भ्रम फ़ैलाने में लगे हुए हैं. एक ही कोशिश है कि किसी भी तरह से राजस्थान को बदनाम किया जाए ताकि मणिपुर की शर्मनाक स्थिति से बचा जा सके और जनता का ध्यान डायवर्ट किया जा सके.

राजस्थान सरकार ने बीजेपी पर छवि खराब करने का लगाया आरोप
इसके आगे लोकेश शर्मा ने लिखा कि बाड़मेर के इस मामले में पुलिस का कहना है कि ये दोनों आत्महत्या के लिए पेड़ पर चढ़े थे, जिसमें से महिला की मृत्यु हो गयी है, युवक ठीक है,.मृतका के पति की रिपोर्ट पर प्रकरण दर्ज कर, पोस्टमार्टम करवाया जाकर शव परिजनों को सौंपा गया ह., युवक को गिरफ्तार कर अनुसंधान किया जा रहा है. अब भाजपा के ये तमाम नेता बताएं BJP शासित राज्यों में किस जगह इतनी त्वरित कार्रवाई होती है...?? अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए बीजेपी द्वारा राजस्थान की छवि खराब करने के ये कुत्सित मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे."

पुलिस ने भी वीडियो का किया खंडन
बाड़मेर पुलिस अधीक्षक आनंद ने भी इस वीडियो का खंडन करते हुए लिखा कि जिस तरह से सोशल मीडिया पर इस वीडियो को वायरल करके जो घटना बताई जा रही है वह बिल्कुल झूठ है. बाड़मेर जिले में इस तरह की कोई घटना नहीं हुई है, यह वीडियो चौहटन थाना क्षेत्र में 3 दिन पूर्व फांसी के फंदे पर लटक कर जान देने वाली महिला का है, जिसे उसके परिजनों ने ही वायरल किया है. इस मामले में परिजनों द्वारा विवाहिता के प्रेमी पर अपहरण दुष्कर्म हत्या के आरोप लगाते हुए मामला दर्ज करवाया है. जिसको लेकर पुलिस जांच कर रही है.
 

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