Anupgarh Blind Murder Mystery: राजस्थान के गंगानगर जिले के अनूपगढ़ से सामने आई इस खौफनाक वारदात ने हर किसी को सुन्न कर दिया है, जहां एक पत्नी ने अपने ही पति को मौत के घाट उतार दिया. पुलिस ने जब इस गुत्थी को सुलझाया, तो जो सच बाहर आया उसने रोंगटे खड़े कर दिए. मामले में आरोपी पत्नी और उसके प्रेमी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया है. इस पूरे केस में सबसे दिलचस्प रही पुलिस की वो चाल, जिसने कातिल पत्नी का गुनाह कबूलने पर मजबूर कर दिया. पुलिस के मनोवैज्ञानिक दबाव के आगे वह ज्यादा देर टिक नहीं सकी और फूट-फूटकर पूरी प्लानिंग का खुलासा कर दिया. उसने बताया कि कैसे इश्क में अंधी होकर उसने अपने पति को बेहरहमी से मार दिया.
कातिल तक कैसे पहुंची पुलिस
मामले की जांच कर रहे SI ने बताया कि इंद्रा देवी कीपैड मोबाइल इस्तेमाल करती हैं जब पुलिस ने उसका मोबाइल चेक किया तो पता चला कि उसमें दो SIM स्लॉट हैं. बारीकी से जांच करने पर पता चला कि एक SIM स्लॉट बिल्कुल ठीक था जिसमें इंद्रा के पति का दिया SIM था. लेकिन दूसरा SIM स्लॉट बहुत ढीला था.
SIM स्लॉट से खुला प्रेम प्रसंग
SI ने आगे बताया कि दूसरे SIM स्लॉट को देखकर लगा था कि उसे कई बार खोला और बंद किया गया है. शक के आधार पर जब इस बारे में इंद्रा देवी से पूछताछ की तो उसने एक ही SIM इस्तेमाल करना बताया. ऐसे में पुलिस को उस पर शक हुआ. इस पर पुलिस ने फोन के IMEI नंबर से दूसरे SIM स्लॉट के बारे में जानकारी जुटाई. इसमें समाने आया कि दूसरे में कई बार दूसरा SIM इस्तेमाल किया गया है. पुलिस ने जब उस नंबर की डिटेल्स निकाली तो वह SIM उसी गांव के रघुवीर सिंह के नाम पर रजिस्टर्ड पाया गया.
इंद्रा के प्रेमी प्रभुदयाल ने दी थी सिम
पुलिस ने जब इस जानकारी के बारे में दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की तो इंद्रा ने पूरी प्लानिंग का खुलासा कर दिया. जिसमें पता चला कि रघुवीर सिंह, प्रभुदयाल की पत्नी विमला देवी का प्रेमी था, जिसने उसे यह सिम दिया था. जब प्रभुदयाल को करीब डेढ़ साल पहले पत्नी के प्रेम प्रसंग के बारे में पता चला था तो उसने अपनी पत्नी को पीटा और सिम अपने पास रख लिया था.
भजनलाल के माता - पिता
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ढाई साल पहले शुरू हुआ था प्रेम प्रसंग
प्रभु दयाल मृतक भजनलाल का पड़ोसी था. इसी वजह से उसका उसके घर आना-जाना था. करीब ढाई साल पहले प्रभु दयाल और मृतक भजनलाल की पत्नी इंद्रा देवी के बीच प्रेम संबंध शुरू हो गए थे. ऐसे में उसने वही सिम इंद्रा को बात करने के लिए दिया था. प्रभु दयाल से बात करने के बाद इंद्रा भी सिम को मोबाइल स्लॉट से निकालकर अपने घर में कहीं छिपा देती थी.
पति की चेतवानी नहीं हुई इंद्रा को बर्दाश्त
मृतक भजनलाल के पिता ने बताया कि इंद्रा के अक्सर फोन पर बिजी रहने और प्रभु दयाल के घर बार-बार आने-जाने की वजह से भजनलाल को दोनों पर शक हो गया था. इसी वजह से अक्टूबर 2025 में उसने अपनी पत्नी को प्रभु दयाल से दूर रहने को कहा था. इस बात पर दोनों के बीच काफी झगड़ा हुआ था.
झगड़े के बाद ही बना ली थी मारने की प्लानिंग
SI रामेश्वर लाल ने बताया कि अक्टूबर 2025 में भजनलाल का अपनी पत्नी इंद्रा से झगड़ा हुआ था. इंद्रा ने अपने प्रेमी को फोन पर इसकी जानकारी दी थी. उसी दिन दोनों ने मिलकर भजनलाल को मारने का फैसला किया.
ये था मामला
बता दें कि प्रेम प्रसंग के चलते पत्नी इंद्रा ने अपने प्रेमी प्रभु दयाल व एक 15 साल के नाबालिग के साथ मिलकर 13 जनवरी की रात 9:12 बजे घड़साना से गांव 4 जेडडब्ल्यूएम जाने वाली रेतीली सड़क पर अपने पति की बेरहमी से हत्या कर दी थी. हत्या के बाद भजनलाल के शव को उसकी बाइक सहित इंदिरा गांधी नहर में फेंक दिया था.