सीमावर्ती जिले जैसलमेर के मोहनगढ़ इलाके से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है. यहां की भील बस्ती में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपत्ति के शव उनके ही घर में संदिग्ध अवस्था में पाए गए. इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है.
अकेले रहते थे बुजुर्ग, भांजे ने देखा मंजर
मृतकों की पहचान 90 वर्षीय लाखाराम और उनकी 85 वर्षीय पत्नी रेशमा के रूप में हुई है. जानकारी के अनुसार, इस बुजुर्ग दंपत्ति की कोई संतान नहीं थी और वे घर में अकेले ही रहते थे. शनिवार सुबह जब उनका भांजा चंदाराम उनसे मिलने पहुंचा, तो घर का दृश्य देखकर उसके होश उड़ गए. लाखाराम का शव घर के आंगन में पड़ा था, जबकि उनकी पत्नी रेशमा का शव कमरे के भीतर मिला.
लूट की नीयत से हत्या की आशंका
घटना की सूचना मिलते ही मोहनगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि मृतका रेशमा के पैरों से चांदी के कड़े गायब हैं. इसके अलावा, घर के आसपास कुछ संदिग्ध पैरों के निशान भी मिले हैं. हालांकि, शवों पर फिलहाल चोट के कोई प्रत्यक्ष निशान नजर नहीं आए हैं, लेकिन गहनों की चोरी और घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए पुलिस इसे लूट के इरादे से की गई हत्या मानकर जांच कर रही है.
FSL टीम ने जुटाए साक्ष्य
मामले की गंभीरता को देखते हुए FSL की टीम को मौके पर बुलाया गया है, जो वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित कर रही है। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया है।
मामले की जांच कर रही है पुलिस
मामले को लेकर मोहनगढ़ थानाधिकारी बाबूराम डेलू ने बताया कि पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है. मौत के असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा. वहीं, मृतकों के भांजे चंदाराम ने घटना पर गहरा दुख जताते हुए प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग की है.
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