Jaisalmer Murder: पोते ने ही रची दादा-दादी की हत्या की साजिश, जल्दी पैसा कमाने के लालच में उतार दिया मौत के घाट

Rajasthan News: जैसलमेर के मोहनगढ़ में बुजुर्ग दंपती की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है. सगे पोते ने ही अपने साथी के साथ मिलकर लूट की खातिर दादा-दादी का गला घोंट कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया.

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Jaisalmer Crime News
NDTV

Mohanagarh Double Murder Case: राजस्थान के सरहदी जिले जैसलमेर के मोहनगढ़ क्षेत्र में हुए सनसनीखेज बुजुर्ग दंपती हत्याकांड का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है. रिश्तों को शर्मसार करने वाले इस मामले में पुलिस ने मृतक दंपती के सगे पोते और उसके एक साथी को गिरफ्तार किया है। SP अभिषेक शिवहरे के निर्देशन में की गई त्वरित कार्रवाई में गहन पूछताछ के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने में सफलता हासिल की.जिसमें से एक उनका पोता था. 

 अंधेरे में घोंटा दोनों का गला

मामले को लेकर पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने लूट के उद्देश्य से बुजुर्ग दंपती की हत्या की वारदात को अंजाम दिया मामले की जानकारी देते हुए एसपी अभिषेक शिवहरे ने बताया कि 17 अप्रैल की शाम दोनों आरोपी जैसलमेर से मोहनगढ़ पहुंचे. रास्ते में कानोद के पास शराब खरीदी और सुनसान स्थान पर बैठकर शराब पी.

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इसके बाद रात के अंधेरे में कच्चे रास्ते से होते हुए वे मृतकों के घर पहुंचे. दोनों ने पहले बाहर आंगन में सो रहे लाखाराम का मुंह दबाकर  उसे मौत के घाट उतारा गया. इसके बाद घर के अंदर जाकर महिला रेशमा की भी आवाज न उठे, इसके लिए पहले बिजली का बल्ब उतारा और फिर उसकी भी गला घोंटकर हत्या कर दी. इसके बाद  वारदात के बाद आरोपी घर में रखे सोने-चांदी के जेवरात और नकदी लेकर  रात करीब 11:30 बजे पीछे के कच्चे रास्ते से वापस जैसलमेर लौट आए. 

जांच के एंगल को बदलकर आरोपी तक पहुंचने की कोशिश

 मामले की जांच को लेकर एसपी ने बताया कि 18 अप्रैल की सुबह करीब 9 बजे मोहनगढ़ की भील बस्ती में बुजुर्ग दंपती के शव मिलने की सूचना मिली. घटना की सूचना मिलते ही   मौके पर पहुंची पुलिस  ने  एफएसएल टीम, एमओबी टीम व डॉग स्क्वॉड  की मदद से  घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कराया, लेकिन जांच में दोनों मृतकों के शरीर पर किसी प्रकार के कोई चोट के निशान नहीं मिले, जिससे मामला जटिल हो गया. इसके बाद पुलिस ने जांच दिशा बदलते हुए  हर संभावित एंगल से जांच शुरू की. इसके लिएअलग-अलग टीमों का गठन कर घर के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ तकनीकी साक्ष्य जुटाने का काम करवाया. 

पोते के साथी ने दिया उसका पता

टीमों की जांच के दौरान कुछ संदिग्धों के नाम सामने आए, जिनमें एक सुरेश नामक युवक भी शामिल था. जो पीटीएम क्षेत्र में मीट की दुकान चलता है. जब उससे पूछताछ की गई तो मामले में उसकी भूमिका संदिग्ध पाई गई. जिसके बाद पुलिस ने शक के आधार पर सख्ती से पूछताछ की जिसमें उसने अपने साथी योगेश के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूली.

 जल्दी पैसा कमाने के लालच में की हत्या

एसपी शिवहरे ने आगे बताया कि आरोपी सुरेश मृतक लाखाराम का रिश्ते में पोता लगता है और कुछ समय पहले उनके घर रह चुका था. इस कारण वह उसके घर के सारे रास्ते जानता था. दोनों आरोपी पाक विस्थापित भील परिवार से हैं और रिश्तेदार होने के कारण एक-दूसरे की गतिविधियों से भली-भांति परिचित थे.दोनों ने जल्दी पैसा कमाने और आर्थिक स्थिति सुधारने के लालच में इस घटना को अंजाम दिया. 

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