Kota Cyber Thug News: राजस्थान के कोटा शहर की साइबर पुलिस ने एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी का भंडाफोड़ करते हुए चार शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है. जिसमें 43 लाख 50 हजार रुपये की बड़ी रकम ऐंठने की बात सामने आई है. सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह है कि इस गैंग की कमान सरहद पार पाकिस्तान में बैठे एक 'किंगपिन' के हाथ में थी, जो व्हाट्सएप कॉल के जरिए पूरा नेटवर्क चला रहा था.
43.5 लाख रुपये की ठगी
दरअसल, शहर में रहने वाले दिनेश चंद्र गुप्ता (75)8 दिसंबर 2025 को थाने में साइबर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने बताया था कि उन्हें परिचित बनकर एक व्यक्ति ने अपने झांसे में लेकर उनसे अलग-अलग बैंक खातों में कुल 43.5 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए. उनकी रिपोर्ट को गंभीरता से लेते हुए कोटा की साइबर थाना पुलिस में मामले की जांच शुरू की और चार शातिर आरोपियों को मध्यप्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया है.
आरोपियों की पहचान
इनमें मुख्य आरोपी मोहम्मद अमजद उर्फ आर्यन शामिल है, जो पाकिस्तान में बैठे मास्टरमाइंड के सीधे संपर्क में था. इसके अलावा राहुल पूर्वी, दीपक पूर्वी और विजय कुमार भी इस गिरोह का हिस्सा है जो अब पुलिस की गिरफ्त में है.
पाकिस्तान से चल रहा था ठगी का काम
साइबर पुलिस स्टेशन के CI सतीश चौधरी के मुताबिक, आरोपियों से लगातार पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी अमजद WhatsApp कॉल और चैट के जरिए पाकिस्तान में बैठे एक मास्टरमाइंड के संपर्क में था. उसके कहने पर ठगी की रकम अलग-अलग बैंक अकाउंट में ट्रांसफर की जाती थी, फिर ATM और चेक के ज़रिए पैसे निकालकर दूसरे अकाउंट में भेजे जाते थे। पुलिस ने आगे बताया कि कुछ रकम ऑनलाइन माध्यम से दुबई ट्रांसफर की जाती थी.
आरोपियों ने परिचितों के नाम पर खुलवाए थे 100 से ज्यादा खाते
मुख्य आरोपी के साथ पकड़े गए सह-अभियुक्त राहुल, दीपक और विजय ने अपने और अपने परिचितों के नाम पर 100 से ज्यादा बैंक खाते खुलवाए थे. हर खाते के बदले उन्हें करीब 7000 रुपये दिए जाते थे. इनमें कई खाते महिलाओं के नाम पर भी खोले गए थे.
इन चीजों की हुई बरामदगी
इन खातों के साथ एटीएम कार्ड, सिम कार्ड और बैंक किट भी मुख्य आरोपी को सौंप दिए जाते थे, जिससे वह आसानी से लेन-देन कर सके.कोटा साइबर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया.
आरोपियों के पास से बरामद हुआ:
7 मोबाइल फोन
1 लैपटॉप
29 एटीएम/डेबिट कार्ड
13 बैंक पासबुक
10 चेकबुक
2 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं
पीड़ितों को मिली थोड़ी राहत
अब तक पुलिस ने पीड़ित को करीब 8.05 लाख रुपये वापस कर दिए हैं, जबकि 1.75 लाख रुपये बैंक अकाउंट में रखे गए हैं.जब्त किए गए मोबाइल फोन और लैपटॉप में करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन के सबूत मिले हैं. पुलिस अब डिजिटल डेटा की जांच कर रही है और इस नेटवर्क में शामिल दूसरे आरोपियों की तलाश कर रही है.