राजस्थान के सवाई माधोपुर जिले से दहेज हत्या का एक बेहद संवेदनशील और दर्दनाक मामला सामने आया है। कोतवाली थाना क्षेत्र की लक्ष्मी विहार कॉलोनी (खेरदा) में एक विवाहिता ने कथित तौर पर फंदे से लटक कर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. हालांकि, मृतका के पीहर पक्ष ने ससुराल वालों पर हत्या का सीधा आरोप लगाते हुए महिला थाने में दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की गहन जांच में जुट गई है.
जिला अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत
घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार, ससुराल पक्ष के लोगों का दावा है कि विवाहिता ने घर के भीतर फंदा लगा लिया था, जिसे देखकर उन्होंने उसे तुरंत फंदे से उतारा और जिला अस्पताल पहुंचाया. हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया. इस घटना की सूचना मिलने के बाद महिला थाना पुलिस अस्पताल पहुंची. पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और उसे पीहर पक्ष के सुपुर्द कर दिया.
शादी के सालभर बाद ही शुरू हुई प्रताड़ना
मृतका नेहा उर्फ बीरा नायक की शादी 22 अप्रैल 2023 को लक्ष्मी विहार कॉलोनी, खेरदा निवासी संजय नायक के साथ हुई थी. मृतका के भाई और बुआ के बेटे ने बताया कि शादी के समय पीहर पक्ष ने अपनी हैसियत के मुताबिक जरूरत का सारा सामान दहेज में दिया था. शादी के करीब एक साल बाद नेहा ने एक बेटी को जन्म दिया. आरोप है कि बेटी के जन्म के बाद से ही उसका पति संजय नायक फोन पर दहेज में 'स्प्लेंडर बाइक' और 'स्विफ्ट कार' की मांग करने लगा और नेहा पर लगातार ननिहाल से पैसे व गाड़ी लाने का दबाव बनाने लगा.
बेबस था पीहर पक्ष, तलाक के लिए भी हो गए थे राजी
नेहा का पारिवारिक बैकग्राउंड बेहद भावुक करने वाला है. उसके पिता का देहांत साल 2005 में ही हो चुका है. उसकी मां, छोटा भाई और तीन बहनें बेहद तंगी की हालत में अपने ननिहाल में रहकर जीवन यापन कर रहे हैं. जब पीहर पक्ष मांग पूरी नहीं कर पाया, तो नेहा का पति उससे तलाक की मांग करने लगा. मृतका के भाई ने बताया कि बहन की प्रताड़ना को देखते हुए वे लोग तलाक देने के लिए भी राजी हो गए थे, लेकिन इसके बावजूद पति ने आगे कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की और प्रताड़ना का सिलसिला जारी रखा.
रात को भाई से कहा- 'मुझे ले जाओ', सुबह मिली लाश
पीहर पक्ष के लोगों ने बताया कि 30 मई 2026 की रात को विवाहिता ने भाई को फोन कर अपने साथ ले जाने की बात कही. उन्होंने बताया कि 30 मई 2026 की रात को नेहा ने अपने भाई को फोन किया था और रोते हुए कहा था कि मुझे यहां से अपने साथ ले जाओ. इस पर भाई ने ढांढस बंधाया और कहा कि वह अगली सुबह (31 मई 2026) को उसे लेने आ जाएगा. लेकिन सुबह भाई के पहुंचने से पहले ही नेहा के ससुर ने उसके ताऊ को फोन कर कहा कि नेहा की तबीयत खराब है, आप लोग तुरंत जिला अस्पताल आ जाओ. जब हम अस्पताल पहुंचे, तो वहां नेहा की लाश पड़ी हुई थी.
पति, सास-ससुर समेत 5 लोगों पर मुकदमा दर्ज
इस घटना से आक्रोशित पीहर पक्ष ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि ससुराल वालों ने ही उनकी बेटी को प्रताड़ित कर मार डाला है. महिला थानाधिकारी भोजाराम ने बताया कि मृतका के भाई संजय की लिखित रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मृतका के पति (संजय), ससुर (ओम नायक), सास, ननद और देवर सहित कुल 5 लोगों के खिलाफ दहेज हत्या की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है. पुलिस प्रशासन हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की तफ्तीश कर रहा है.
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