Tonk Blind Murder Case Solved: राजस्थान के जिले टोक में पुलिस ने व्यापारी के ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा महज 36 घंटे के भीतर किया. पुलिस ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि व्यापारी पवन गर्ग की हत्या उसी के दोस्त कर्ज में डूबे राकेश ताम्बी ने की थी जो कि भारी कर्ज में डूबा था और उससे लिये गए कर्ज का ब्याज भी नही चूक रहा था. इसी कारण उसने अपने ही दोस्त की शुक्रवार की रातदोस्त की जान ले ली. पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से लूटी गई सोने की चेन, अंगूठी और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है.
11 लोगों से ले रखा था 56 लाख का कर्ज
टोंक जिला पुलिस अधीक्षक (SP) रोशन मीणा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी राकेश तांबी कर्ज में डूबा हुआ था. सने करीब 11 अलग-अलग लोगों से लगभग 56 लाख रुपये ब्याज पर उधार ले रखे थे. इसी मानसिक तनाव और लालच में आकर उसने अपने ही दोस्त की जान ले ली और हत्या के बाद दोस्त्त पवन के जरिए पहनी हुई सोने कि चेन और अंगूठी लेकर फरार हो गया था जिसे पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरिफ्तार कर घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी जब्त की है .
दुकान के ऊपर हत्या कर लूटा सोना
शुक्रवार की रात आरोपी राकेश तांबी, व्यापारी पवन गर्ग की दुकान के ऊपर स्थित केबिन/कमरे में पहुंचा. वहां मौका पाकर उसने पवन गर्ग पर जानलेवा हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया. शनिवार सुबह जब घटना का पता चला तो पूरे टोंक शहर के व्यापारिक गलियारों में हड़कंप मच गया.
पुलिस टीमों और DST ने 36 घंटे में दबोचा
ब्लाइंड मर्डर की गंभीरता को देखते हुए एसपी रोशन मीणा के निर्देश पर तुरंत विशेष टीमों का गठन किया गया. एडिशनल एसपी रतन लाल भार्गव और टोंक डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा के नेतृत्व में थाना स्तर की पुलिस और जिला विशेष टीम ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभाला.
पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर 36 घंटों में राकेश तांबी को संदिग्ध मानकर डिटेन कर लिया. कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया. पुलिस अब आरोपी से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस हत्याकांड में क्या कोई और भी उसके साथ शामिल था.
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