जान हथेली में लेकर 15 अगस्त समारोह में पहुंचे नौनिहाल, हो सकता था बड़ा हादसा

अगर मौके पर पटरी पर कोई ट्रेन आ जाती तो कई बच्चे हादसे के शिकार हो सकते थे. लोगों का कहना है कि शिक्षा विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के कारण कोई बड़ा हादसा हो सकता था. लेकिन प्रशासन की ओर से इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया.

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अपनी जांन जोखिम में डालते स्टूडेंट

दौसा जिले के बसवा कस्बे में रेल प्रशासन की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है. इस बार स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम विद्यालय में न होकर खेल मैदान में हो रहा था, जहां स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम मनाने जा रहे स्कूली बच्चे ट्रेन की पटरियों को लांघते नज़र आ रहे हैं.

गौरतलब है यह सोचने से ही रूह कांप जाती है कि अगर मौके पर पटरी पर कोई ट्रेन आ जाती तो कई बच्चे हादसे के शिकार हो सकते थे. लोगों का कहना है कि शिक्षा विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही के कारण कोई बड़ा हादसा हो सकता था. लेकिन प्रशासन की ओर से इस और कोई ध्यान नहीं दिया.

कस्बे में स्वतंत्रता दिवस व गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुआ करते थे, लेकिन इस वर्ष उपखंड स्तरीय कार्यक्रम अलवर सिकंदरा मेगा हाईवे के पास खेल मैदान में प्रशासन द्वारा आयोजित करवाया गया था.

बड़ी संख्या में बच्चों ने किया रेल लाइन को पार 
राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय व महात्मा गांधी विद्यालय अन्य निजी शिक्षण संस्थाओं के लिए आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में सुबह छात्र छात्राओं को कार्यक्रम में  बुलाया गया था. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद बड़ी संख्या में बच्चे रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और जान जोखिम में डालकर रेल लाइन पार करके अपने घर को जा रहे थे, लेकिन में किसी ने भी उन बच्चों की ओर ध्यान नहीं दिया.

रेल कर्मियों की चेतावनी को करते रहे नजरअंदाज
उस वक्त रेल कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए जब रेल की पटरी पर दोनों तरफ से गाड़ियां एक साथ आ गईं. रेल कर्मियों के द्वारा बार-बार एनाउंसमेंट करने के बाद भी बच्चे रेल पटरी पार करते रहे। इस दौरान कई बच्चे पटरी क्रॉस करते समय गिरकर घायल भी हो गए.

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