कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस वे पर निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा ढहा, मलबे में दबकर एक की मौत

Rajasthan : कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा शनिवार देर रात 12 बजे ढह गई. इस हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई.

विज्ञापन
Read Time: 3 mins

Kota Tunnel Collapsed: कोटा में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर निर्माणाधीन सुरंग का एक हिस्सा शनिवार देर रात 12 बजे ढह गई. इस हादसे में एक मजदूर की मौत हो गई और तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. रामगंज मंडी के मोड़क इलाके में बन रही सुरंग में यह हादसा हुआ. जिसके बाद प्रशासन के आला अधिकारियों में हड़कंप मच गया है.

रात 12 बजे आचानक ढहा टनल का एक हिस्सा

जानकारी के अनुसार, हादसे के वक्त मजदूर टनल में ब्रीफिंग कर रहे थे. इसी दौरान अचानक टनल का एक हिस्सा ढह गया. जिससे हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई. जिसमें एक मजदूर की मौत हो गई और साथी मजदूरों ने फंसे तीन मजदूरों को बड़ी मुश्किल से बाहर निकाला. साथ ही प्रशासनिक अधिकारियों को हादसे की सूचना दी गई. जिस पर पुलिस और नेशनल हाईवे अथॉरिटी (NHAI) के अधिकारी मौके पर पहुंचे.

Advertisement

एक मजदूर की मौत

घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए मोड़क सीएचसी ले जाया गया. जहां उत्तराखंड शमशेर सिंह को मृत घोषित कर दिया गया. पुलिस ने मजदूर के परिजनों को सूचना दे दी है. इस हादसे में टनल ठेकेदार की लापरवाही सामने आई है. उसने मजदूरों को बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करवाया जा रहा था.

Advertisement

पहाड़ियों के नीचे बनाई जा रही है यह टनल

मुकुंदरा टाइगर रिजर्व में बाघों व अन्य वन्य प्राणियों को मानवीय हस्तक्षेप के कारण कोई परेशानी न हो, इसके लिए रिजर्व क्षेत्र के बीच में सुरंग का निर्माण किया जा रहा है.एनएचएआई के अधीक्षण अभियंता राकेश मीना के अनुसार दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बन रही एटलन ग्रीन एंड पास सुरंग का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है. 4.9 मीटर लंबी यह सुरंग देश की अलग तरह की सुरंगों में से एक है जो पहाड़ियों के नीचे बनाई जा रही है. सुरंग का काम पूरा होने पर इसके ऊपर से वन्यजीव खासकर बाघ आवाजाही कर सकेंगे और नीचे से वाहन गुजर सकेंगे. इस सुरंग की खास बात यह है कि सुरंग साउंडप्रूफ और वाटरप्रूफ भी होगी.

Advertisement

1200 करोड़ रुपए में तैयार होगी यह टनल

इस परियोजना को ऑस्ट्रेलिया की नवीनतम तकनीक का उपयोग करके बनाया जा रहा है, जिसमें सेंसर भी लगाए जाएंगे जो वाहनों की आवाजाही पर नज़र रखेंगे. इस सुरंग के निर्माण पर लगभग 1200 करोड़ रुपये खर्च होंगे. इसे पूरा करने की तिथि 2025 तय की गई है. इस सुरंग की कुल लंबाई 4.9 किलोमीटर है, जिसमें 3.3 किलोमीटर पहाड़ के नीचे बनाई जा रही है और 1.6 किलोमीटर सीमेंट से तैयार बाहरी सुरंग है.

(अस्वीकरण: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. एनडीटीवी इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.)