Budget 2024: आज नया रिकॉर्ड बनाएंगी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, इस मामले में करेंगी मोरारजी देसाई की बराबरी

Interim Budget 2024: अंतरिम बजट में प्रमुख नीतिगत घोषणाएं नहीं होती हैं, लेकिन सरकार पर ऐसे कदम उठाने से कोई नहीं रोक नहीं है जो अर्थव्यवस्था के सामने आने वाले मुद्दों से निपटने के लिए जरूरी हैं.

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण

Union Budget 2024: कुछ ही देर में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतरिम बजट संसद में पेश करेंगी. वित्त मंत्री सीतारमण का यह लगातार छठा बजट है. इसके साथ ही उनके नाम कई रिकॉर्ड होंगे. वह लगातार पांच पूर्ण बजट और एक अंतरिम बजट पेश करने के मोरारजी देसाई के नाम दर्ज रिकॉर्ड की बराबरी करेंगी. साथ ही, सीतारमण पहली पूर्णकालिक महिला वित्त मंत्री हैं, जो जुलाई 2019 से पांच पूर्ण बजट पेश कर चुकी हैं और गुरुवार को वह लेखानुदान यानी अंतरिम बजट पेश करेंगी.

आज इन नेताओं को टूटेगा रिकॉर्ड

सीतारमण एक फरवरी को अंतरिम बजट पेश करने के साथ, मनमोहन सिंह, अरुण जेटली, पी चिदंबरम और यशवंत सिन्हा जैसे पूर्व वित्त मंत्रियों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देंगी. इन नेताओं ने लगातार पांच बजट पेश किये थे. वित्त मंत्री के रूप में देसाई ने 1959-1964 के बीच पांच सालाना बजट और एक अंतरिम बजट पेश किया था. मोदी सरकार ने 2019 के आम चुनावों के बाद अपने दूसरे कार्यकाल में सीतारमण को वित्त विभाग की जिम्मेदारी सौंपी. वह इंदिरा गांधी के बाद बजट पेश करने वाली दूसरी महिला बनीं. इंदिरा गांधी ने वित्त वर्ष 1970-71 के लिए बजट पेश किया था.

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प्रमुख नीतिगत घोषणाएं नहीं होती हैं

आमतौर पर, अंतरिम बजट में प्रमुख नीतिगत घोषणाएं नहीं होती हैं, लेकिन सरकार पर ऐसे कदम उठाने से कोई नहीं रोक नहीं है जो अर्थव्यवस्था के सामने आने वाले मुद्दों से निपटने के लिए जरूरी हैं. इस बजट के जरिए सरकार को तब तक खर्च करने की इजाजत मिलती है जब तक नई सरकार पूर्ण बजट पारित नहीं कर देती. सरकार ने 2019 में आम चुनाव से पहले पेश अंतरिम बजट में मध्यम वर्ग, किसानों और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों-को लक्षित किया था. ऐसी संभावना है कि सरकार इस बार भी इन मतदाताओं का खास ध्यान रखेगी.

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2019 में सरकार ने किए थे ये ऐलान

पूर्व वित्त सचिव सुभाष चंद्र गर्ग ने बताया कि 2019 में वित्त मंत्री की अतिरिक्त जिम्मेदारी निभा रहे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मध्यम वर्ग को आकर्षित करने के लिए पांच लाख रुपये तक की कर-योग्य आय को आयकर से छूट दी थी. साथ ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत 12 करोड़ किसानों को 6,000 रुपये नकद भी उपलब्ध कराने की घोषणा की थी. इसके अलावा, असंगठित क्षेत्र (पीएम श्रम योगी मानधन -एसवाईएम) से जुड़े 50 करोड़ श्रमिकों को सेवानिवृत्ति पेंशन में सरकारी योगदान का भी प्रस्ताव किया गया था. इसको देखते हुए विभिन्न क्षेत्रों में ऐसी संभावना जतायी जा रही है कि इस बार के अंतरिम बजट में भी इस तरह की घोषणाएं हो सकती हैं.

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