बारिश के लिए टोने-टोटके, लोकदेवता को 'सिगरेट' के साथ चढ़ाई 'शराब की धार'

झालावाड़ जिले में बारिश नहीं होने से लोग परेशान हैं. ऐसे में झालावाड़ के गांव-गांव में लोग लोकदेवता घास भेरू जी की यात्रा निकाल रहे हैं. लोगों की आस्था है कि ऐसा करने पर देवता प्रसन्न होंगे और फिर बरिश होगी.

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राजस्थान में लोग बारिश को लेकर काफी परेशान हैं. कई इलाकों में सूखे जैसे हालात है. ऐसे में लोग बारिश के लिए इंद्र देवता को मनाने की कोशिश में जुटे हैं. बारिश के लिए इंद्रदेव को मनाने का एक रोचक मामला राजस्थान के झालावाड़ जिले से सामने आया है. जहां बारिश के लिए लोगों ने लोकदेवता घास भेरू जी यात्रा निकालकर उनपर शराब की धार गिराई. साथ ही उन्हें सिगरेट भी अर्पित किए. स्थानीय लोगों की मान्यता है कि ऐसा करने से बारिश होती है. 

झालावाड़ में बारिश नहीं होने के कारण लोग 'लोकदेवता घास भेरू जी' की यात्रा निकाल रहे हैं. इस दौरान उनके ऊपर शराब की धार चढ़ाई जा रही है. लोगों को मानना है ऐसा करने से बारिश होगी और फसल बर्बाद होने से बच जाएगी.

देवता पर 'सिगरेट' के साथ चढ़ाई जाती 'दारू की धार'

मान्यता है कि जब घासभेरू जी निकलते हैं तो उनके ऊपर दारू की धार अनवरत चलती रहती है. साथ ही अगरबत्ती, सिगरेट, नारियल चढ़ाकर पूजा के साथ घासभेरू जी को घुमाया जा रहा है. उनको मनाने के लिए जतन किया जा रहा है. जिससे घास भेरू खुश होकर वर्षा करवायेंगे. इसी के लिए लोग उज्जैनी भी मना रहे हैं. उज्जैनी एक ऐसी प्रथा है जिसमें पूरे गांव के लोग गांव के बाहर खाना बनाते हैं और इंद्रदेता को प्रसन्न करने के लिए प्रार्थना करते हैं.

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बारिश के लिए सदियों के चले आ रहे टोने-टोटके 

लोक देवता घास भेरू जी को रस्सियों के सहारे पूरे गांवो में भृमण कराया जाता है. इस दौरान इनको खुश करने के लिए दारू की धार लगातार चलती रहती है. जिससे घास भेरू देवता खुश हो सके. इस वजह से इन्हें शहर से लेकर गांवों तक इन्हें अपने स्थान से घुमाया जा रहा है. इस दौरान लगातार दारू की धार चलती रहती है. यह परम्परा आज से सदियों से चली आ रही है. जब बारिश नहीं होती है तो बारिश के लिए टोने-टोटके जतन किया जाता है.
 

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