Surya Grahan 2024 Date/Time: हर साल भारत समेत दुनियाभर के सैकड़ों लोग अंतरिक्ष में होने वाली कई तरह की खगोलीय घटनाओं के साक्षी बनते हैं. इन्हीं में से एक है सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse).जब चंद्रमा अपनी रोशनी से सूर्य को पूरी तरह ढक लेता है, उस समय सूर्य ग्रहण होता है. देश से लेकर विदेश तक सैकड़ों लोग इसे देखते हैं. हर साल लोग इस खगोलीय घटना को देखने के लिए पूरे साल इंतजार करते हैं. तो आइए जानते हैं आने वाले नए साल 2025 में सूर्य ग्रहण कहां और कब दिखाई देगा.
साल 2025 में चार ग्रहण
नए साल 2025 में कुल चार ग्रहण लगेंगे. इनमें से दो चंद्र ग्रहण और दो सूर्य ग्रहण होंगे. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस दौरान कई काम वर्जित होते हैं. आखिरी सूर्य ग्रहण 2 अक्टूबर 2024 को लगा था, जो भारत में दिखाई नहीं दिया था.
क्या होता है सूर्यग्रहण
सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच से गुजरता है, जिससे सूर्य का चेहरा पूरी तरह छिप जाता है. आसमान काला हो जाता है और दिन का समय शाम जैसा दिखाई देता है. ग्रहण दो प्रकार के होते हैं: पूर्ण और आंशिक.
कब है साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण
साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण मार्च के महीने में लगेगा. यह 29 मार्च 2025 को लगेगा. यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा. भारतीय समय के अनुसार यह 2:20 बजे शुरू होगा और 6:13 बजे लगेगा. आंशिक होने के कारण यह भारत में दिखाई नहीं देगा.यह बरमूडा, बारबाडोस, ऑस्ट्रिया, बेल्जियम, डेनमार्क, फिनलैंड, नॉर्वे, जर्मनी, फ्रांस, हंगरी, आयरलैंड, मोरक्को, ग्रीनलैंड, पूर्वी कनाडा, उत्तरी ब्राजील, हॉलैंड, पुर्तगाल, उत्तरी रूस, स्पेन, स्वीडन, पोलैंड, पुर्तगाल, यूक्रेन, स्विट्जरलैंड, इंग्लैंड और पूर्वी अमेरिका जैसे विदेशी देशों में दिखाई देगा.
साल 2025 का दूसरा सूर्य ग्रहण
दूसरा सूर्य ग्रहण साल 2025 में 21 सितंबर को लगेगा. इसे भी भारत में नहीं देखा जाएगा. इस ग्रहण को न्यूजीलैंड, फिजी, अंटार्कटिका, ऑस्ट्रेलिया में ही देखा जा सकेगा. भारत में न दिखने की वजह से यहां इसका कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ेगा और सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. इसलिए लोग बिना किसी परेशानी के अपने कार्यों को पूरा कर सकते है.
आंशिक सूर्य ग्रहण क्या होता है
आंशिक सूर्य ग्रहण तब होता है जब चंद्रमा, सूर्य के केवल एक हिस्से को ढकता है. आंशिक सूर्य ग्रहण के दौरान, चंद्रमा की सबसे गहरी छाया, अम्ब्रा, पृथ्वी पर नहीं पड़ती. केवल आंशिक छाया, पेनम्ब्रा, पृथ्वी पर पड़ती है.
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