Harsha Richhariya: "आपका प्‍यार इस हद तक अंधा नहीं होना चाह‍िए...", हर्षा र‍िछार‍िया की पोस्‍ट पर यूजर बोले- कलयुग का प्रभाव है 

Harsha Richhariya: हर्षा र‍िछार‍िया ने कहा क‍ि माना कि मह‍िलाओं के साथ अत्‍याचार हो रहे हैं, लेक‍िन जो पुरुषों के साथ हो रहा है उसका क्‍या?

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हर्षा र‍िछार‍िया ने कहा क‍ि पुरुषों पर हो रहे अत्‍याचार के ख‍िलाफ आवाज उठाना पड़ेगा.

Harsha Richhariya: यूपी के मेरठ में सौरभ हत्‍याकांड पर हर्षा र‍िछार‍िया ने बड़ा बयान द‍िया है. उन्होंने अपने सोशल मीड‍िया प्‍लेटफॉर्म इंस्‍टाग्राम पर पोस्‍ट करके कहा, "एक दौर था जब लड़क‍ियों, मह‍िलाओं और नार‍ियों के टुकड़े करके फ्रि‍ज और कुकर में रखे जाते थे. एक दौर अब है, जब पत‍ि को काटकर ड्रम में चुनवा द‍िया गया. माना क‍ि मह‍िलाओं के साथ बहुत अत्‍याचार हो रहे हैं. और अब पुरुषों के साथ अत्‍याचार हो रहा है. उसके ल‍िए भी हमें आवाज उठानी पड़ेगी."

"पर‍िवार ने अपना बेटा खोया है"

उन्होंने कहा, "आपका प्‍यार इस हद तक भी अंधा नहीं होना चाह‍िए क‍ि आप क‍िसी की गलत‍ियों को बार-बार अनदेखा करते जाएं. बाद में वही आपकी मौत का कारण बन जाए. ज‍िस पर‍िवार ने अपना बेटा खोया है, सोच‍िए उनकी क्‍या गलती थी. हर हर महादेव."  

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यूजर बोले- पहले डरो और अब डराओ

एक यूजर ने ल‍िखा- "आपके व‍िचार को 100 बार प्रणाम करती हूं दीदी." दूसरे यूजर ने ल‍िखा- "कलयुग का प्रभाव है. पहले लड़की सोचती थी क‍ि लड़का कैसा म‍िलेगा और आज के युग में लड़का सोचता है क‍ि लड़की कैसे म‍िलेगी."

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एक और यूजर ने ल‍िखा क‍ि पहले डरो और अब डराओ यही चल रहा है. एक ने ल‍िखा-  "कहने का मतलब ये है क‍ि 'हमारी लड़क‍ियां लड़कों से कम हैं के." 

एक इंस्‍टाग्राम यूजर ने ल‍िखा क‍ि "मैं ल‍िखकर ले रहा हूं और ल‍िख कर दे रहा हूं क‍ि कोई भी लड़की क‍िसी भी लड़के के ल‍िए आवाज नहीं उठाएगी. लड़के ही बेवकूफ हैं जो लड़क‍ियों के ल‍िए कैंडल मार्च न‍िकालते हैं. " 

एक ने ल‍िखा क‍ि आज के समय में नारी शक्‍ति‍ से पूरा मर्द डरा हुआ है.