बारां में अवैध पटाखा फैक्ट्री का मामला, RD ब्रदर्स की पुलिस को तलाश; नहीं मिल रहे खंडेलवाल भाई

दो सालों से इनका गोरखधंधा चल रहा था. अटरू रोड किनारे भारी मात्रा में तीन दुकानों के गोदाम में विस्फोटक सामग्री जमा कर और वहां पर मजदूरों की और आसपास रहने वाले लोगों की जान जोखिम में डालकर पटाखे बना रहे थे

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Bhiwadi News: भिवाड़ी पटाखा फैक्ट्री कांड के साथ राजस्थान में पिछले दिनों बारां में मंडोला गांव में पब्लिक शिकायत से पकड़ में आई अवैध पटाखा फैक्ट्री मामले में बडा अपडेट सामने आया है. मामले की जांच कर रहे हैं जांच अधिकारी किशनगंज थाना प्रभारी रमेशचंद मेरोठा ने कहा कि मामले की तफ्तीश चल रही है. दो आरोपी अभिषेक और महेश को पुलिस ने जेल पहुंचा दिया है. मामले में पुलिस को आरोपी लाइसेंसधारी RD ब्रदर्स की तलाश है. पुलिस उन्हें जल्द गिरफ्तार करेगी.

जांच अधिकारी रमेशचंद ने कहा कि RD ब्रदर्स रमेशचंद-दिनेश खंडेलवाल को गिरफ्तार करने के लिए उनके घर, ठिकानों पर जाकर पुलिस ने दबिश दी, लेकिन RD ब्रदर्स नहीं मिले हैं. गौरतलब है कि RD ब्रदर्स ने 6 फरवरी 2024 को मध्यप्रदेश हरदा पटाखा फैक्ट्री में अग्निकांड हो जाने, आग से खाक हुई हरदा फैक्ट्री के बंद हो जाने और वहां से आतिशबाजी की सप्लाई नहीं मिलने पर RD ब्रदर्स ने शातिरअंदाज से बारां में मंडोला गांव में स्टोर और आतिशबाजी सेल्स के लाइसेंस की आड़ में अवैध तरीके से पटाखे बनाने शुरू किए.

जान जोखिम में डालकर पटाखे बना रहे थे

दो सालों से इनका गोरखधंधा चल रहा था. अटरू रोड किनारे भारी मात्रा में तीन दुकानों के गोदाम में विस्फोटक सामग्री जमा कर और वहां पर मजदूरों की और आसपास रहने वाले लोगों की जान जोखिम में डालकर पटाखे बना रहे थे. 20 फरवरी को स्थानीय लोगों की शिकायत पर पुलिस व जिला प्रशासन ने छापेमारी कार्रवाई करते हुए अवैध पटाखा फैक्ट्री पकड़ी. जिसमें करीब 40 करोड रुपए के अनुमानित लागत की विस्फोटक सामग्री और आतिशबाजी पुलिस ने जब्त की.

जान जोखिम में डालकर पटाखे बना रहे थे

इसी केस में पुलिस ने RD ब्रदर्स परिवार के दो सदस्य महेश और अभिषेक को गिरफ्तार किया. उन्हें कोर्ट के जरिए जेल भिजवाया है और जान जोखिम में डालकर पटाखे बना रहे थे. इधर, मामले की जांच अधिकारी रमेश मेरोठ ने कहा कि बारां जिला पुलिस ने जब्त की गई भारी मात्रा में मिली विस्फोटक सामग्री और अवैध निर्मित आतिशबाजी को नष्ट करने, उसे डिस्पोजल करने के लिए जयपुर उच्च अधिकारियों को पत्र लिखा है और मार्गदर्शन मांगा है.

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