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This Article is From Oct 17, 2025

SMS डॉक्टर ने अमेरिका में किया ऐतिहासिक MoU, भारतीय सर्जन सीखेंगे बिना ऑपरेशन साइनस और ब्रेन ट्यूमर की लेटेस्ट तकनीक

डॉ. ग्रोवर ने इस मौके पर कहा, 'यह साझेदारी भारतीय राइनोलॉजी समुदाय के लिए एक ऐतिहासिक क्षण है. इससे जॉइंट रिसर्च, क्लिनिकल कोलैबोरेशन और एकेडमिक एक्सचेंज के नए दरवाजे खुलेंगे, जिससे नाक और साइनस सर्जरी के क्षेत्र में देखभाल और गुणवत्ता के वैश्विक मानकों को ऊंचाई मिलेगी.'

SMS डॉक्टर ने अमेरिका में किया ऐतिहासिक MoU, भारतीय सर्जन सीखेंगे बिना ऑपरेशन साइनस और ब्रेन ट्यूमर की लेटेस्ट तकनीक
बिना ऑपरेशन साइनस का इलाज! अमेरिकी तकनीक अब भारत आएगी, हर साल 3-5 डॉक्टर्स को मिलेगा ट्रेनिंग का मौका
NDTV Reporter

Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर में सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल के डॉक्टर ने चिकित्सा के क्षेत्र में देश का मान बढ़ाया है. ENT विभाग के सीनियर प्रोफेसर डॉ. मोहनीश ग्रोवर (Dr. Mohnish Grover) ने अमेरिका में अमेरिकन राइनोलॉजिक सोसाइटी (ARS) के साथ एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MOU) साइन किया है. यह MOU भारत के नाक, कान और गला (ENT) विशेषज्ञों के लिए रिसर्च, स्पेशल ट्रेनिंग और एडवांस्ड सर्जरी के दरवाजे खोलेगा.

यह समझौता ऑल इंडिया राइनोलॉजी सोसाइटी (AIRS) और अमेरिकन राइनोलॉजिक सोसाइटी के बीच हुआ है. इस सहयोग को साकार करने में डॉ. ग्रोवर ने केंद्रीय भूमिका निभाई है, जो AIRS के इंटरनेशनल अफेयर्स के डायरेक्टर और प्रेसिडेंट-इलेक्ट भी हैं. यह करार 12 अक्टूबर 2025 को अमेरिका के इंडियानापोलिस में हुआ, जहां दुनिया भर से 3000 से ज्यादा विशेषज्ञ मौजूद थे.

बिना ऑपरेशन साइनस का इलाज, अब भारत भी सीखेगा

इस MOU का सबसे बड़ा फायदा भारत के उन लाखों मरीजों को होगा जो साइनस और नाक से जुड़ी बीमारियों से जूझते हैं. डॉ. ग्रोवर ने बताया कि अब इस क्षेत्र में वैज्ञानिक और नई तकनीकों का अमेरिका के साथ सीधा आदान-प्रदान हो सकेगा. डॉ. ग्रोवर के अनुसार, 'साइनस के मरीज बहुत ज्यादा होते हैं और हमारे पास भी बड़ी तादाद में आते हैं. अब अमेरिका में साइनस और नाक में बीमारी का इलाज बिना ऑपरेशन के किया जा रहा है.'

अमेरिका में बायोलॉजिक्स तकनीक से इलाज संभव है, जिससे नाक में पॉलिप और साइनस को ठीक किया जा सकता है. हमारे डॉक्टर वहां जाकर यह लेटेस्ट तरीका सीख सकते हैं, जिससे क्वालिटी ऑफ ट्रीटमेंट ग्लोबल स्टैंडर्ड के करीब पहुंचेगी. नाक के रास्ते ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी के मामले में भी अमेरिका काफी आगे है. इस MOU के तहत, भारतीय चिकित्सक वहां जाकर इस कॉम्प्लेक्स और एडवांस्ड सर्जरी की ट्रेनिंग ले सकेंगे.

युवा डॉक्टर्स को मिलेगी आर्थिक मदद और ट्रेनिंग

यह MOU विशेष रूप से भारत के युवा ENT विशेषज्ञ डॉक्टरों के लिए एक बड़ा मौका है. इस समझौते के तहत, भारतीय ईएनटी विशेषज्ञों को अंतर्राष्ट्रीय अनुदान प्राप्त करने का अवसर मिलेगा. युवा राइनोलॉजिस्टों को अमेरिका में नाक, साइनस और स्कल-बेस सर्जरी के क्षेत्र में स्पेशल ट्रेनिंग पाने के अवसर मिलेंगे. इस MOU के तहत हर साल भारत से 3 से 5 डॉक्टर्स को वहां भेजने का लक्ष्य है. इस सहयोग से न सिर्फ इंडियन डॉक्टरों को फायदा मिलेगा, बल्कि अमेरिका के डॉक्टर्स भी भारत आकर यहां के मेडिकल सिस्टम का अनुभव ले सकेंगे.

जयपुर के SMS की 'कोक्लियर सर्जरी' हुई विश्व विख्यात

डॉ. मोहनीश ग्रोवर ने इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर सिर्फ सहयोग की बात नहीं की, बल्कि SMS अस्पताल की एक बड़ी कामयाबी को भी दुनिया के सामने रखा. उन्होंने कोक्लियर मैलफॉर्मेशन (Cochlear Malformation) यानी जन्मजात बहरेपन की सर्जरी के बारे में बताया. डॉ. ग्रोवर ने कहा कि 1000 में से हर चौथा बच्चा जन्म से सुन नहीं सकता, जिसका बड़ा कारण कोक्लियर मैलफॉर्मेशन होता है. जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल ने 2010 से अब तक 1500 से ज्यादा ऐसे सफल ऑपरेशन किए हैं, जिससे बच्चे बिल्कुल ठीक हो गए हैं.

'SMS क्लासिफिकेशन' ने खींचा सबका ध्यान

डॉ. ग्रोवर ने इस सर्जरी को छात्रों को समझाने के लिए एक 3D मॉडल बनाया है, जिसे "SMS क्लासिफिकेशन" कहते हैं. इस मॉडल की तकनीक इतनी एडवांस्ड है कि डॉ. ग्रोवर ने अमेरिका में भी कुछ सर्जनों को इसके जरिए ट्रेनिंग दी. यह ट्रेनिंग टूल डॉक्टर और मरीज दोनों को सर्जरी और उसके बाद के रख-रखाव को समझने में मदद करता है.

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