मिलें 'बरगद मैन' से, जो पूरा वेतन लुटाकर भी रखते हैं पर्यावरण का ध्यान...

जयपुर निवासी सरकारी शिक्षक 'बरगद मैन' नरेंद्र यादव राजस्थान के धौलपुर में जीवदया और प्रकृति प्रेम की अलख जगा रहे हैं, और सबसे विशेष पहलू यह है कि इनकी पूरी तनख्वाह, यानी सैलरी प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा में लग जाती है.

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'बरगद मैन' नरेंद्र यादव राजस्थान के धौलपुर में जीव दया और प्रकृति प्रेम की अलख जगा रहे हैं
धौलपुर (राजस्थान):

मुल्क में हज़ारों की तादाद में सरकारी स्कूल हैं, और लाखों की तादाद में उन स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षक, लेकिन कोई-कोई शिक्षक ऐसा होता है, जिस पर फ़ख्र होता है, और उन्हें उनके स्कूल और शहर के बाहर भी दुनिया जानने लगती है. ऐसे ही एक शिक्षक हैं नरेंद्र यादव, जो 'बरगद मैन' के नाम से मशहूर हैं.

जयपुर निवासी सरकारी शिक्षक 'बरगद मैन' नरेंद्र यादव राजस्थान के धौलपुर में जीवदया और प्रकृति प्रेम की अलख जगा रहे हैं, और सबसे विशेष पहलू यह है कि इनकी पूरी तनख्वाह, यानी सैलरी प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा में लग जाती है. नरेंद्र यादव लगभग छह साल से तन-मन-धन से यह काम कर रहे हैं.
 


एक वक्त वह जयपुर में ओरिएन्टल बैंक ऑफ कॉमर्स में सरकारी सेवा में थे, लेकिन इसी दौरान शिक्षक के तौर पर उनकी नौकरी लग गई, और जालौर में पोस्टिंग मिली. करीब सात-आठ माह वह जालौर में रहे, और बरगद के लगभग 187 पेड़ लगाए. इसके बाद उनका ट्रांसफ़र धौलपुर हो गया, जहां वह पिछले छह साल अपना पूरा वेतन इसी काम में लगा रहे हैं.
 

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धौलपुर के पूर्व जिला कलेक्टर राकेश जायसवाल द्वारा पहली बार 'बरगद मैन' कहकर पुकारे गए नरेंद्र यादव अपने समूचे सेवाकाल के दौरान अब तक बरगद के 1073 पेड़ लगा चुके हैं. नरेंद्र यादव अपनी मोटरसाइकिल में ही खुरपी, फावड़ा, परात व पौधा लेकर घर से निकलते हैं और जहां अच्छी जगह दिखती है, वहीं बरगद का पेड़ लगा देते हैं. यही नहीं, जब तक पेड़ बड़ा नहीं हो जाता, वह रोज़ाना उसे पानी देने भी जाते हैं.
 

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अपना समूचा जीवन पर्यावरण को समर्पित कर बैठे नरेंद्र यादव ने धौलपुर से 1,600 किलोमीटर दूर ईस्ट गोदावरी स्थित कडियापुलंका (आंध्र प्रदेश) से बरगद के 1,100 पौधे मंगवाए हैं. निजी खर्च से मंगवाए गए ये पौधे धौलपुर में इस साल जुलाई-अगस्त में ट्री गार्ड सहित लगाए जाएंगे. बताया गया है कि इस बार 230 महावृक्ष बाड़ी धौलपुर रोड़ पर, 100 पौधे RECL बारूद फैक्टरी में और धौलपुर बसेड़ी रोड के दोनों ओर 130 महावृक्ष ट्री गार्ड सहित लगाए जाएंगे. बरगद के इस एक पेड़ की कीमत 1,700 से 3,000 रुपये तक है, जो बढ़िया किस्म का बरगद हैं. इनकी कुल कीमत 8.20 लाख रुपये बताई गई है.
 

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'बरगद मैन' कहते हैं कि जीने के लिए पेड़ ज़रूरी हैं. उनके पिता तेजपाल और गुरु थानाराम भी पौधे लगाया करते थे, तो उन्हें भी इन्हीं दोनों से प्रेरणा मिली. नरेंद्र यादव कहते हैं कि जीवनरक्षक बरगद के पौधे लगाने से दैहिक, दैविक और भौतिक लाभ होता है, और पर्यावरण को संतुलित बनाए रखने में महत्वपूर्ण बरगद मनुष्यों और जीव-जंतुओं के जीवन का आधार है.