Rajasthan Drugs Smuggling: राजस्थान की पश्चिमी सीमा पर सैन्य बलों की सुगम आवाजाही और सीमावर्ती निवासियों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया भारतमाला परियोजना अब सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है. बाड़मेर जिले से गुजरने वाले इस हाईवे पर पुलिस थाना या चौकी न होने के कारण संदिग्ध तत्वों की आवाजाही बढ़ गई है, जिससे ड्रग तस्करी और अवैध गतिविधियां तेज हो गई हैं.
एमडी ड्रग की फैक्ट्री स्थापित
पाकिस्तान से लगती भारत-पाक सीमा के निकट यह हाईवे पिछले कुछ वर्षों में नकली नोट,हेरोइन जैसी तस्करी का प्रमुख रूट बन चुका है. अब तो सिंथेटिक ड्रग्स जैसे एमडी की फैक्ट्रियां भी सुनसान ढाणियों और रेगिस्तानी इलाकों में स्थापित हो गई हैं. ड्रग माफिया पारंपरिक घरेलू उपकरणों और केमिकल्स का इस्तेमाल कर एमडी ड्रग तैयार कर रहे हैं जिसे इसी हाईवे के माध्यम से पंजाब, गुजरात और बड़े शहरों तक आसानी से सप्लाई किया जा रहा है.
भारतमाला हाईवे के पास 10 किमी सुनसान इलाका
पिछले दो वर्षों में बाड़मेर जिले में एक दर्जन से अधिक एमडी ड्रग फैक्ट्रियां पुलिस द्वारा पकड़ी जा चुकी हैं. इनमें से कई मामले भारतमाला हाईवे से 8-10 किमी अंदर के सुनसान इलाकों में सामने आए हैं. जहां केमिकल और कच्चा माल आसानी से लाया-ले जाया जा रहा है. हाल के महीनों में भी कई बड़ी कार्रवाइयां हुईं जिनमें करोड़ों रुपये की एमडी ड्रग्स, केमिकल्स और मशीनें जब्त की गईं.इस हाईवे पर बाड़मेर जिले में लगभग 200 किलोमीटर का क्षेत्र बिना किसी पुलिस थाने या चौकी के है जिसका फायदा ड्रग माफिया उठा रहे हैं. इससे सुरक्षा एजेंसियों के हाथ-पांव फूल गए हैं और तस्करी पर अंकुश लगाना मुश्किल हो रहा है.
पुलिस मुख्यालय को भेजा जाएगा प्रस्ताव
जोधपुर रेंज के आईजी सत्येंद्र सिंह ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए बताया कि भारतमाला हाईवे पर बढ़ती तस्करी और अवैध मादक पदार्थों की गतिविधियों को रोकने के लिए जल्द ही पुलिस मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जाएगा. इस प्रस्ताव के तहत हाईवे पर कई पुलिस चौकियां खोलने और गश्त व्यवस्था बढ़ाने की योजना है, ताकि इस महत्वपूर्ण सड़क मार्ग पर सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. यह कदम न केवल ड्रग तस्करी पर लगाम लगाने में मदद करेगा, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्र में समग्र सुरक्षा को भी मजबूत बनाएगा.
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