ईसाई बने 35 हिंदूओं ने की घर वापसी, धर्म बदलने पर जताया अफसोस

मंगलवार को ईसाई बने 6 हिंदू परिवारों के 35 सदस्य दोबारा हिन्दू सनातन धर्म की ओर लौट आए. ईसाई मिशनरियों द्वारा करीब 3 साल पहले दिए गए प्रलोभन में आकर उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था.

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ईसाई धर्म छोड़कर फिरसे हिंदू धर्म अपनाता परिवार
Bharatpur:

जिले में धर्म परिवर्तन कर हिंदू से ईसाई बने 35 हिंदुओं में मंगलवार को घरवापसी कर ली. मामला डीग जिले के कस्बा नगर का बताया जा रहा है. भाजपा जिलाध्यक्ष हंसिका गुर्जर के अनुसार किसी कारणवश करीब 3 साल पहले 6 परिवारों ने हिंदू धर्म को छोड़कर ईसाई धर्म को अपना लिया था. उन्होंने बताया कि घरवापसी करने वाले 6 परिवारों के कुल 35 लोगों के स्वेच्छा से हिन्दू रीति रिवाज़ से पुनः हिंदू धर्म को अपना लिया है, जिनका संत गिरजादास व हंसिका गुर्जर ने फूल बरसाकर का स्वागत किया.

घर वापसी कर चुकी एक महिला ने बताया कि हिन्दू धर्म के प्रति गलत जानकारी देकर और ईसाई धर्म को लाभकारी बताकर मिशनरीज के लोगों द्वारा कम से कम 100 परिवारों को ईसाई बनाया गया था, लेकिन अब 6 परिवारों के सदस्यों ने अपनी मर्जी से दोबारा घर वापसी कर ली. उसने बताया, मैने सभी को घर वापसी के लिए समझाया कि हमने जिस धर्म में जन्म लिया है उसका पालन करना चाहिए. हम हिंदुओ को गर्व से बोलना चाहिए की हम हिंदू है.'' 

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गौरतलब है मंगलवार को ईसाई बने 6 हिंदू परिवारों के 35 सदस्य दोबारा हिन्दू सनातन धर्म की ओर लौट आए.  ईसाई मिशनरियों द्वारा करीब 3 साल पहले दिए गए प्रलोभन में आकर उन्होंने ईसाई धर्म अपना लिया था, जिसके बाद से रविवार और सोमवार को क्रमशः चर्च और ईशू सत्संग में शामिल किया जाता था.

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अब जीवन भर राम जी को मानेंगे

एक अन्य महिला ने बताया कि ईसाई प्रचारकों ने आकर उनसे कहा था कि हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियो को हटा दो और ईशु की पूजा करो. ऐसा करने से उनके सारे कर्ज चुक जाएंगे, बच्चों के शादी-विवाह हो जाएंगे और बीमारी ठीक हो जाएगी, इसलिए हम ईसाई बन गए थे, लेकिन जब कुछ नही बदला, तो फिर हमने घर वापसी कर ली. महिला ने आगे कहा, हमें दुख हैं कि हमने हमारा हिन्दू धर्म छोड़ा, अब हम पुनः हिन्दू बने है, तो अब जीवन भर राम जी को ही मांनेगे. 

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बच्चों की बेहतरी के लिए बदला था धर्म

घर वापसी कर चुके एक युवक ने बताया, उसके परिवार में मां और पत्नी के अलावा बच्चे हैं, एक बेटे की तबीयत खराब चल रही थी, काफी इलाज के बावजूद उसे फायदा नहीं हो रहा था. इस बीच ईसाई धर्म के प्रचारक उनके संपर्क में आए और उन्होंने ईसाई धर्म अपनाने पर बच्चे की तबीयत ठीक होने का दावा किया तो उसने पूरे परिवार के साथ ईसाई धर्म को अपना लिया, लेकिन जब स्वस्थ नहीं हुआ तो उसने घर वापसी का निर्णय किया.

हिंदू समाज को टार्गेट कर रहे हैं मिशनरीज

संत गिरजादास जी ने बताया कि हिंदू समाज के लोगों को कुछ लोग टार्गेट कर विभिन्न प्रलोभन से धर्मांतरण करा रहे है, हमें जाग्रत रहकर धर्म और संस्कृति की रक्षा करनी है.उन्होंने आगे कहा, सनातन' धर्म का न आदि है न अन्त है. हम सब खुशनसीब है कि हमको हिन्दू संस्कृति में जन्म लिया.

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