फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने पर 7 VDO पर ग‍िरी गाज, डीएम ने 10 द‍िन में मांगी र‍िपोर्ट

सीएमओ तक मामला पहुंचा तो ज‍िला कलेक्‍टर ने टीम गठ‍ित करके कार्रवाई की. मामले की जांच शुरू हो गई है. डीएम ने जांच कमेटी गठित कर दी है.

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सिरोही के आबू रोड में 7 वीडीओ निलंबित हो गए हैं.

स‍िरोही के आबू रोड में फर्जी जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के मामले में 7 ग्राम विकास अधिकारी (VDO) को सस्‍पेंड कर द‍िया गया है. जांच पूरी होने तक न‍िलंब‍ित रहेंगे. मामले में जांच टीम गठ‍ित कर दी गई है. आबू रोड की 32 ग्राम पंचायत में साल 2023 से 2026 तक जारी सभी जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र की जांच के न‍िर्देश द‍िए गए हैं. डीएम ने 10 द‍िन में र‍िपोर्ट देने के न‍िर्देश द‍िए हैं.

शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई  

सबसे पहले जिला परिषद सीईओ को शिकायत दी गई थी, लेकिन यहां पर कार्रवाई नहीं हुई तो सीएमओ में शिकायत की. इसके बाद जिला कलेक्टर ने टीम का गठन करके र‍िपोर्ट मांगी है.

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 जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र फर्जी बनाए  

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह फर्जी प्रमाण पत्र बीमा क्लेम पाने के ल‍िए बनाए गए थे. आबू रोड के खडात में 42, सियावा में 24, उपलागढ़ में 95 प्रमाण पत्र और निचलागढ़ में 40 फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए गए हैं. निचलागढ़ में 154 फर्जी जन्म प्रमाण पत्र के मामले सामने आए हैं. प्रमाण पत्र पर ग्राम विकास अधिकारी के हस्ताक्षर पाए गए हैं. 

जिला परिषद को कई बार इसकी शिकायत की गई, इसके बाद भी जिला परिषद के सीईओ ने कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह प्रतीत हो रहा है कि इस पूरे प्रकरण में जिला परिषद के अधिकारियों का संरक्षण सामने आ रहा है. 

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